
रीवा. कलेक्ट्रेट में गुरुवार को अफसरों का अमानवीय चेहरा सामने आया। कलेक्टर के चेम्बर के सामने चक्कर आने से एक युवक फर्श पर तड़पने लगा। अचेत हुए युवक को अस्पताल ले जाने के लिए अफसरों ने वाहन नहीं दिए। डिप्टी कलेक्टर फरहीन खान आधे घंटे तक परेशान रहीं, बाद में हुजूर तहसीलदार के वाहन से उसे भेजा गया। इस दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फेंसिंग में मौजूद रहे।
फर्श पर आधे घंटे तक तड़पता रहा युवक
बता दें कि जिस वक्त युवक कलेक्टर चेंबर के सामने चक्कर खाकर फर्श पर तड़प रहा था। उस समय कलेक्टर और एसपी चुनाव की वीेडियो कान्फेंस में बैठे थे। कार्यालय अधीक्षक एम्बुलेंस को सूचना देने के बाद डिप्टी कलेक्टर फरहीन खान के चेंबर में बैठ गए। करीब बीस मिनट बीतने के बाद एम्बुलेंस नहीं पहुंची तो पत्रिका के रिपोर्टर ने डिप्टी कलेक्टर से वाहन उपलब्ध कराने के लिए कहा, तब डिप्टी कलेक्टर सक्रिय हुईं।
संवेदनहीन बने रहे अफसर
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक,अपर कलेक्टर, डिप्टी कमिश्नर सहित कई अन्य अफसरों के वाहन खड़े रहे। किसी ने युवक को अस्पताल तक ले जाने की जहमत नहीं उठाई। फर्श पर तडक़ रहे युवक को एक व्यक्ति ने उठाकर पानी के छीटे मारे तो उठकर बैठ गया। आधे घंटे के बाद उसे कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित घर पर भिजवा गया। बताया गया कि युवक घर से कलेक्टर कार्यालय के बीच रास्ते से बैंक जा रहा था। चक्कर आने पर कुर्सी पर बैठ कर आराम कर रहा था तभी नीचे गिर दिया।
कलेक्ट्रेट में फर्श पर गिरते ही कर्मचारियों में अफरा-तफरी
कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर के चेम्बर के सामने फर्श पर गिरने के बाद अचानक बेहोश होने की सूचना से कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इसकी सूचना पर डिप्टी कलेक्टर फरहीन खान और कार्यालय अधीक्षक रमेश श्रीवास्तव पहुंचे। कार्यालय अधीक्षक एम्बुलेंस को फोन किया। अस्पताल से कलेक्टर कार्यालय तक आधे घंटे तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी।
पत्रिका के हस्तक्षेपर पर सक्रिय हुए डिप्टी कलेक्टर
फर्श पर तडक़ रहे युवक को लेकर पत्रिका रिपोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर से वाहन उपलब्ध कराने को कहा तो डिप्टी कलेक्टर ने हुजूर तहसीलदार को फोन किया। कलेक्टर के अर्दली और भृत्यों तथा पत्रिका के रिर्पोटर के सहयोग से उसे गेट के बाहर ले जाया गया। इसके बाद हुजूर नायब तहसीलदार रत्नराशि पांडेय ने वाहन से बेहोश हुए युवक को कार्यालय के कर्मचारी त्रिवेणी शुक्ला और पटवारी के साथ उसके घर भेज दिया। वहां पर उसके पिता को सुपुर्द कर गया।