
Rewa Kalpana Mishra death case: मध्यप्रदेश के रीवा में शासकीय संजय गांधी अस्पताल में 22 वर्षीय गर्भवती महिला कल्पना मिश्रा और नवजात बच्चे की मौत के बाद निष्पक्ष जांच व जिम्मेदारों पर FIR की मांग को लेकर धरने पर बैठे पिता के आमरण अनशन का शुक्रवार को तीसरा दिन है। तीसरे दिन मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल धरना स्थल पर पहुंचे और रामशिरोमणि मिश्रा से बात की, इस दौरान रामशिरोमणि मिश्रा डिप्टी सीएम के सामने फूट-फूट कर रो पड़े।
शुक्रवार को जब डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल धरना स्थल पर पहुंचे तो रामशिरोमणि मिश्रा भावुक हो गए और फूट-फूटकर रो पड़े। रामशिरोमणि मिश्रा ने रोते हुए डिप्टी सीएम को अपना दर्द बताया, इसके साथ ही अस्पताल में इलाज के दौरान हुई बेटी व नवजात की मौत के साथ ही अन्य मौतों की घटनाओं के बारे में भी बताया। रामशिरोमणि मिश्रा ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल से कहा कि उसकी बेटी व नवजात की मौत के लिए जो भी जिम्मेदार हैं उन पर एफआईआर होनी चाहिए और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इतना ही नहीं रामशिरोमणि मिश्रा ने एक बार फिर दोहराया कि निलंबन और पद से हटाने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर और निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
बता दें कि, रीवा के शासकीय संजय गांधी अस्पताल से गर्भवती महिला कल्पना मिश्रा का वीडियो सामने आया था, जिसमें वो बेहद दर्द भरे अंदाज में अपने पिता से मदद की गुहार लगाती नजर आ रही थी। वायरल वीडियो में वो अपने पिता से कहती दिख रही थी कि, 'उसे बचा लो ये लोग उसे मार देंगे।' हालांकि, किसी अनहोनी से अंजान गर्भवती का पिता उसे दिलासा देता और समझाता नजर आ रहा था। हालांकि, गर्भवती का संदेह सच में बदल गया और चंद मिनट बाद हुए ऑपरेशन के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई।
कल्पना मिश्रा व नवजात की मौत के बाद 27 अगस्त को इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करने परिजन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा के पास पहुंचे थे। तब अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का एक अजीब बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने बेशर्मी भरे शब्दों में कहा था कि, '22 साल की उम्र में प्रेगनेंट क्यों कराया।' इस विवादित शब्दावली वाले वीडियो के सामने आने के बाद मामला गर्मा गया था और अस्पताल अधीक्षक की ओर से सफाई देते हुए नया बयान दिया था। इस विवाद के बाद अधीक्षक डॉ. राहुल मिक्षा को पद से हटा दिया गया था।