
शर्मनाक बयान देने वाले जीएमएच अधीक्षक का नया बयान (फोटो सोर्स: Viral Screenshots)
Rewa News :मध्य प्रदेश के रीवा का गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल (जीएमएच) में 25 अगस्त को प्रसव को आई बैकुंठपुर की कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के मामले में नया विवाद खड़ा हो गया। गर्भवती का दर्दभरा वीडियो वायरल होने के बाद ऑपरेशन के दौरान हुई जच्चा-बच्चा की मौत के बाद 27 अगस्त को इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करने पहुंचे परिजन से अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बेशर्मी भरे शब्दों में कहा कि, '22 साल की उम्र में प्रेगनेंट क्यों कराया।' इस विवादित शब्दावली वाले वीडियो से मामला गर्माने पर अस्पताल अधीक्षक की ओर से सफाई देते हुए नया बयान दिया गया है।
आपको बता दें कि, गर्भवती और उसके नवजात की मौत के मामले में लापरवाही का आरोप लगा परिजन पहुंचे थे, तब अधीक्षक चेंबर में बैठक चल रही थी। तभी अधीक्षक ने शर्मनाक बात कही। इधर, विवादित शब्दावली को लेकर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने डॉ. मिश्रा पर न सिर्फ कार्रवाई की मांग की। बल्कि य भी कह कि, डॉ. मिश्रा एमपी के डिप्टी सीएम और स्वस्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के रिश्ते के भांजे हैं। यही कारण है कि, महिला पर इतनी शर्मनाक टिप्पणी करके भी बचे हुए हैं। कांग्रेस ने ये भी कहा कि, यही कारण है कि, पिछले 15 साल से वो रीवा में ही किसी न किसी पद पर बने हुए हैं। वे रेडियोलॉजी विभाग में पदस्थ हैं।
वहीं, मामले पर सफाई देते हुए रीवा जीएमएच अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि, परिजन को समझा रहे थे कि, 18 से 22 की उम्र पहली डिलीवरी के लिए जोखिम भरी होती है। फिर भी गर्भवती का ठीक से ध्यान नहीं रखा। सरकार 8-8 जांचें और दवा नि:शुल्क दे रही है। शहर के पास के रहने वाले थे। मैं एक रात पहले से जगा था और लगातार हंगामा हो रहा था, इसलिए भी कुछ तनाव था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जीएमएच अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा कहते दिखाई दिये कि, '22 साल की उम्र में उसे गर्भवती क्यों कराया…' वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर महिला पर इतनी शर्मनाक टिप्पणी करने पर बवाल खड़ा हो गया। लोग इसे 'पद की गरिमा का मखौल उड़ाते अधिकारी' जैसे नाम दे रहे हैं तो वहीं कांग्रेस ने भी राजेन्द्र शुक्ला को घेरते हुए रिश्तेदारी के दम पद का लाभ दिलाने का आरोप लगाया।
बता दें कि, रीवा के शासकीय संजय गांधी अस्पताल से एक 22 वर्षीय गर्भवती महिला कल्पना मिश्रा का वीडियो सामने आया था, जिसमें वो बेहद दर्द भरे अंदाज में अपने पिता से मदद की गुहार लगाती नजर आ रही थी। वायरल वीडियो में वो अपने पिता से कहती दिख रही थी कि, 'उसे बचा लो ये लोग उसे मार देंगे।' हालांकि, किसी अनहोनी से अंजान गर्भवती का पिता उसे दिलासा देता और समझाता नजर आ रहा था। हालांकि, गर्भवती का संदेह सच में बदल गया और चंद मिनट बाद हुए ऑपरेशन के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, घटना के बाद परिजन ने न सिर्फ अस्पताल में हंगामा किया, बल्कि मामले की जांच और जवाबदेही की मांग करते हुए अस्पताल अदीक्षक के पास पहुंचे थे।
मामले में अब तक दो नर्सिंग स्टाफ और ड्यूटी डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडेय को सस्पेंड किया है। रविवार को भोपाल से 7 सदस्यीय जांच टीम भी अस्पताल पहुंची। कल्पना की भर्ती से लेकर मौत तक के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहे डॉक्टर्स-नर्सिंग स्टाफ और गार्ड्स के बयान लिए। परिजन ने अस्पताल प्रबंधन को सवालों के घेरे में खड़ा किया है। सस्पेंड डॉ. निधि पांडेय ने बयान में कहा, जब कल्पना के ऑपरेशन की जानकारी मिली तो वे सुपर स्पेशलिटी में एक केस में एनेस्थीसिया देने गई थी। जब जीएमएच पहुंची, तब कुछ देर हुई थी। टीम ने उनके दावों की जांच के लिए दस्तावेज भी खंगाले। फिलहाल, परिजन का आरोप है कि, सुनियोजित तरीके से उसकी बेटी और नवजात को मारा गया है। इसलिए दोषियों पर एफआईआर भी दर्ज कराई जानी चाहिए।
Updated on:
31 Aug 2026, 8:14 AM IST
Published on:
31 Aug 2026, 8:14 AM IST
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