
रीवा अस्पताल के अधीक्षक का शर्मनाक बयान (फोटो सोर्स: Viral Videos Sreenshot)
Rewa News :मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला (उप मुख्यमंत्री) के क्षेत्र रीवा में शासकीय संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में जच्चा और नवजात की मौत के मामले में एक तरफ जहां शनिवार को बड़ी कार्रवाई हुई। इसी बीच अब अस्पताल अधीक्षक का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे बेहद शर्मनाक बताया जा रहा है।
मृतका का दर्द भरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और परिजन द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ा, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई में अस्पताल की डॉ. सोनम अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे को निलंबित कर जांच चलने तक मुख्यालय अटैच कर दिया गया। साथ ही, नर्सिंग स्टाफ साधना वर्मा और सीमा मुजल्दे को भी निलंबित किया गया। वहीं, अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में डॉ. राहुल मृतका को लेकर बेहद शर्मनाक शब्दावली की प्रयोग करते नजर आ रहे हैं।
हालही में रीवा के शासकीय संजय गांधी अस्पताल से एक 22 वर्षीय गर्भवती महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वो बेहद दर्द भरे अंदाज में अपने पिता से मदद की गुहार लगाती नजर आ रही थी। वायरल वीडियो में वो अपने पिता से कहती दिख रही थी कि, 'उसे बचा लो ये लोग उसे मार देंगे।' हालांकि, किसी अनहोनी से अंजान गर्भवती का पिता उसे दिलासा देता और समझाता नजर आ रहा था। हालांकि, गर्भवती का संदेह सच में बदल गया और चंद मिनट बाद हुए ऑपरेशन के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, घटना के बाद परिजन ने न सिर्फ अस्पताल में हंगामा किया, बल्कि मामले की जांच और जवाबदेही की मांग की।
इसी बीच संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का कथित वीडियो बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वे कथित तौर पर '22 साल की उम्र में गर्भवती क्यों किया…' जैसी बात कहते नजर आ रहे हैं। हालांकि, पत्रिका इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता, ये जांच का विषय है। लेकिन सोशल मीडिया पर अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे 'पद की गरिमा का मखौल उड़ाते अधिकारी' जैसे नाम दे रहे हैं।
हाललांकि, अगर वायरल हो रहा वीडियो सही हैं तो ये एक बेहद ऐसे संवेदनशील शब्दावली है, दो सीधे पीड़ित परिवार से की गई है। मामले में पीड़ित परिवार की भावनाओं को समझने और उन्हें सांत्वना देने के बजाय इस तरह आक्रोशित भाव से बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील माना जा सकता है।
वहीं, पीड़ित परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों का कहना है कि, जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर किसी स्तर पर लापरवाही या आपत्तिजनक बयान की पुष्टि होती है इसपर भी उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
Updated on:
30 Aug 2026 02:16 pm
Published on:
30 Aug 2026 02:10 pm
