मऊगंज के कांग्रेस विधायक सुखेन्द्र सिंह ने कहा जनता में है भारी आक्रोश
रीवा। मऊगंज के विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने एक बार फिर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। विधायक ने कहा, उनके क्षेत्र की सरकार ने उपेक्षा की है। कई ऐसी मांगे रहीं जिन पर टालमटोल किया जाता रहा है। मऊगंज को जिला बनाने का आश्वासन पांच साल पहले भी दिया गया था।
विधानसभा में भी कई बार आवाज उठाई गई तो कहा गया कि मऊगंज प्राथमिकता में है, उसे जिला बनाया जाएगा। इस बीच निवाड़ी को जिला बना दिया और अब चांदला के लिए भी घोषणा कर दी गई है। इस कारण मऊगंज के लोगों की लंबे समय से मांग है, उसे पूरा करना होगा।
विधायक ने कहा कि उन्हें पता चला है कि 2 सितंबर को सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा स्थगित हो गई है। इस कारण आगे जब भी वह आचार संहिता लागू होने के पहले मऊगंज क्षेत्र में आएंगे, क्षेत्र की जनता उनके सामने अपनी मांगें रखेगी और यदि मानेंगे तभी आगे जाने दिया जाएगा अन्यथा वापस जाने की बात करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने कहा कि बाणसागर का पानी पहुंचाने, वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े, बढ़ते अपराध पर भी हिसाब मांगेंगे। मऊगंज क्षेत्र की बेटी विभा दुबे का सीएम के कार्यक्रम के दौरान ही निधन हो गया है। वह पुलिस विभाग में थी, इस कारण शहीद का दर्जा देने और उसी के अनुसार परिवार को सहायता प्रदान करने की मांग है। सतना में आजाक संयोजक अभिषेक सिंह की हत्या, ढेरा गांव से पांच साल की गुम हुई बच्ची, चुरहट से आए युवक का अपहरण किए जाने सहित अन्य कई आपराधिक मामलों का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। इस दौरान पीसीसी मेंबर विनोद शर्मा एवं जिला प्रवक्ता केपी सिंह, विक्रम सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रदेश में नौकरशाही हावी हो गई है
विधायक सुंदरलाल तिवारी के साथ एसपी आफिस में हुई अभद्रता पर कहा कि प्रदेश में नौकरशाही हावी हो चली है। जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं किया जाता। साथ ही जनता की बात लेकर उनके कार्यालय जाने पर अभद्रता की जाती है। तिवारी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं उनके साथ हुए दुव्र्यवहार को सहन नहीं किया जाएगा। यह बात डीजीपी तक पहुंची है, वहां से काईवाई की बात कही गई है, यदि ऐसा नहीं होता तो आंदोलन होगा। नगर निगम परिसर में कांग्रेस पार्षदों के साथ हुई घटना को भी अनुचित बताया है।
कैलाशपुर प्रोजेक्ट की लड़ाई जारी रहेगी
विधायक सुखेन्द्र सिंह ने कहा कि मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के २२२ गांवों को पानी की बड़ी समस्या है। इसके लिए सरकार से मांग की गई थी, जिस पर कैलाशपुर प्रोजेक्ट तैयार किया गया है लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस पर बड़ा जन आंदोलन प्रारंभ होगा। क्षेत्र के लोगों को पेयजल के साथ ही सिंचाई के लिए भी पानी का संकट है। इसी वजह से लोगों में नाराजगी है और कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुका है। बाणसागर परियोजना का जो पानी उत्तर प्रदेश के लिए जाता है, उसी से क्षेत्र को पानी देने की मांग की है।