
रीवा. जिला मुख्यालय पर हुजूर तहसील में अधिकारियों के नहीं बैठने से फरियादी परेशान हैं। तहसीलदार और एसडीएम पखवाड़ेभर से वीआइपी ड्यूटी में व्यस्त हैं। नए एसडीएम भी ज्वाइन करने के बाद मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा में सतना चले गए। मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी दूसरे दिन शुक्रवार को रीवा नहीं लौटे। कार्यालय में दो हजार से ज्यादा नामंतरण के प्रकरण लंबित हैं, जबकि सैकड़ों कोर्ट के प्रकरण भी लंबित हैं।
कार्यालय में नहीं आए एसडीएम
हुजूर तहसीलदार पखवाड़ेभर बाद दो दिन पहले बंगलुरु से चुनाव सामग्री लेकर लौटने के बाद विभाग के अन्य कार्य में व्यस्त हो गए। हुजूर एसडीएम रहे केपी पांडेय को सीधी के लिए रिलीव कर दिया गया। पांडेय की जगह सतना से स्थानांति बलवीर रमन को जिम्मेदारी दी गई है। दूसरे दिन ही मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा में सतना चले गए। यात्रा खत्म होने के बाद शुक्रवार को भी नए एसडीएम कार्यालय नहीं आए। शुक्रवार दोपहर 12.20 बजे पहुंचे बिहरिया गांव के छोटेलाल साकेत ने बताया कि वह पिता केवला प्रसाद का मृत प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए दो साल से भटक रहा है। अधिकारियों को आवेदन देने के लिए दो दिन से तहसील में आ रहा है। आवेदक ने बताया कि सूचना के बाद भी अभी तक जमीन का वारिसाना नहीं हो सका है। पिता की मृत्य २०१६ में ही हो चुकी है। सूचना के बाद भी खसरे में मृत पिता का नाम दर्ज है।
आदेवन लेकर परेशान महिला
कपूरी गांव की महिला कैलशिया कोल आवेदन लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। कर्मचारियों ने महिला को बताया कि एसडीएम की ड्यूटी जन आशीर्वाद यात्रा में लगी है। कल आएंगे। महिला ने बताया कि पट्टे की जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। अतिक्रमण नहीं रोका गया तो वह भूमिहीन हो जाएगी। एसडीएम कार्यालय से महिला को तहसीलदार कार्यालय भेज दिया गया। तहसीलदार कार्यालय में दूसरे काम में व्यस्त रहे। पीडि़त महिला परेशान होकर बैरंग लौट गई।
तहसील में सैकड़ो आवेदन डंप
जिला मुख्यालय पर हुजूर तहसील में सैकड़ो की संख्या में तहसील और एसडीएम के टेबल पर आवेदन डंप पड़े हैं। अधिकारियों की अनदेखी के चलते गरीबी रेखा का कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं। तहसील कार्यालय में दो सौ से अधिक आवेदनों का निराकरण नहीं किया जा सका है।