सागर

700 विद्यार्थियों के लिए 10 कमरे, एक बेंच पर तीन छात्र…ऐसे गढ़े जा रहे मेधावी

गणित और विज्ञान संकाय लगते हैं साथ-साथ, उत्कृष्ट परिणाम के बावजूद सुविधाओं की कमी, वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे जा चुके हैं मांग पत्र, फिर भी नहीं दिया जा रहा ध्यान
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Jul 27, 2026
10 rooms for 700 students, three students to a bench
एक बेंच पर बैठ रहे तीन विद्यार्थी। फोटो-पत्रिका

बीना. शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल भानगढ़ में विद्यार्थियों की दर्ज संख्या बहुत अच्छी है, लेकिन स्कूल भवन का विस्तार नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। करीब 700 विद्यार्थियों के लिए स्कूल में केवल 10 कमरे उपलब्ध हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कक्षा 9 वीं के दो सेक्शन और 10 वीं का एक सेक्शन है। साथ ही कक्षा 11 से चार संकायों में अध्यापन कराया जा रहा, जिसमें आर्ट, कॉमर्स, मैथ और बायोलॉजी शामिल हैं। जगह के अभाव में मैथ और साइंस संकाय के विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है, जिनकी कक्षाएं एक साथ लगती हैं। स्थिति यह है कि एक बेंच पर तीन-तीन विद्यार्थी बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद स्कूल के लिए नए भवन या अतिरिक्त कमरों के निर्माण की दिशा में अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।

सुविधाएं कम, परिणाम फिर भी उत्कृष्ट
स्कूल में संसाधनों की कमी के बावजूद विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले शैक्षणिक सत्र में कक्षा 12 वीं के 56 विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर शासन की लैपटॉप योजना का लाभ हासिल किया। यह उपलब्धि बताती है कि यदि स्कूल में पर्याप्त भवन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, तो यहां के विद्यार्थी और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

पूरे क्षेत्र के विद्यार्थी आते हैं पढ़ने
भानगढ़ बड़ा क्षेत्र है और आसपास के गांव के सभी विद्यार्थी इसी स्कूल में पढ़ाई करने आते हैं। यहां सीएम राइज स्कूल का निर्माण भी होना है, लेकिन कुछ कमियों के चलते यहां निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। यदि सीएम राइज स्कूल बनता है, तो सभी सुविधाएं मिलेंगी। स्कूल के लिए जमीन तो चिंहित कर ली गई है, लेकिन अभी तक आगे की कार्रवाई शुरू न होने से निर्माण अटका हुआ है। इसी तरह मंडीबामोरा में बनने वाले सीएम राइज स्कूल को जमीन चिंहित नहीं हो पाई है।

वरिष्ठ अधिकारियों से की जा चुकी है मांग
भवन निर्माण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर मांग की जा चुकी है। छोटा भवन होने के बाद भी विद्यार्थियों का अध्यापन कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाता है, जिससे परीक्षा परिणाम अच्छा आता है।
सुनील कुर्मी, प्रभारी प्राचार्य, भानगढ़

Updated on:
27 Jul 2026 12:14 pm
Published on:
27 Jul 2026 12:14 pm