वन नेशन वन स्टूडेंट योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए एक यूनिक आईडी बनाई जा रही है। जिसे ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) नाम दिया गया है। आधार कार्ड की तरह 12 नंबर की इस आइडी से विद्यार्थियों की पूरी जानकारी मिल जाएगी, लेकिन संभाग में आइडी बनाने का काम धीमी गति से चल रहा है।
एक माह से स्कूलों में धीमी गति से चल रहा अपार आइडी नंबर बनाने का काम
सागर. वन नेशन वन स्टूडेंट योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए एक यूनिक आईडी बनाई जा रही है। जिसे ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) नाम दिया गया है। आधार कार्ड की तरह 12 नंबर की इस आइडी से विद्यार्थियों की पूरी जानकारी मिल जाएगी, लेकिन संभाग में आइडी बनाने का काम धीमी गति से चल रहा है। जानकारी के अनुसार 15 लाख 55 हजार 767 विद्यार्थियों में से केवल 1763 छात्र-छात्राओं की आइडी बनाई गई है। नियम अनुसार कक्षा 1 से कक्षा 12 वीं तक के सभी विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए अपार आईडी बनवाना जरूरी किया गया है। जिसमें संभाग के 15 लाख छात्र छात्राओं का पढ़ाई संबंधित ब्योरा केवल एक क्लिक पर मिल जाएगा, इसके लिए अपार आईडी के जरिए स्टूडेंट्स की शैक्षिक कुंडली तैयार की जा रही है। सागर संभाग में अपार आइडी बनाने में सबसे पहले नंबर पर सागर जिला है, वहीं टीकमगढ़ सबसे फिसड्डी चल रहा है। टीकमगढ़ में केवल 15 विद्यार्थियों की आइडी बनाई गई है।
अपार आईडी कार्ड आधार की तरह ही काम करेगा
पूरे राज्य में प्रत्येक स्कूल स्टूडेंट्स को अपार आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस कार्ड में छात्रों को 12 अंकों की अपार आईडी दी जाएगी। इसमें स्टूडेंट्स की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ- साथ अन्य विभिन्न रिकॉर्ड सेव रहेंगे। यह कार्ड वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी के तौर पर काम करेगा। इसकी सहायता से भविष्य में स्टूडेंट्स की शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।
अपार आईडी कार्ड के ये होंगे फायदे
- अपार कार्ड छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को हमेशा के लिए सुरक्षित और सेव करके रखेगा।
- इस आईडी में छात्रों के शैक्षणिक ब्यौरे के साथ ही अन्य रिकॉर्ड भी दर्ज होंगे।- अपार आईडी कार्ड स्टूडेंट्स की शैक्षणिक प्रगति और उनके द्वारा प्राप्त उपलब्धियों को आसानी से ट्रैक कर सकेगा, जिसका आगे जाकर सभी स्टूडेंट को कहीं ना कहीं फायदा होगा।
- अपार आईडी कार्ड में दिए नंबर हमेशा के लिए एक ही रहेंगे, जैसे आधार कार्ड में होते है। यह कार्ड आधार कार्ड से बिल्कुल अलग है, लेकिन दोनों अपार आईडी भी आधार से लिंक होगी।- अपार आईडी कार्ड धारक स्टूडेंट्स इस कार्ड से बस यात्रा पर सब्सिडी, परीक्षाओं की फीस में छूट, सरकारी संग्रहालयों में नि:शुल्क प्रवेश, किताबों और स्टेशनरी पर छूट, मनोरंजन पार्क और छात्रावास के लिए सब्सिडी जैसे अनेकों फायदे उठा सकेंगे।
- इस यूनिक आईडी से शिक्षा विभाग स्कूल छोडऩे वाले स्टूडेंट्स को ट्रैक करके उन्हें वापस स्कूल से जोडऩे तक का कार्य आसानी से कर सकेंगे।
ये संभाग की स्थिति
जिला विद्यार्थियों की संख्या इन विद्यार्थियों की बनी अपार आइडी
सागर 479360 1036
दमोह 245834 352
पन्ना 188998 119
छतरपुर 386542 124
टीकमगढ़ 186545 15
निवाड़ी 68488 117
अपार आइडी बनाने का कार्य अभी प्रथम चरण में है। जिलों में इसकी शुरुआत हुई है। भोपाल से ही रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही समस्त विद्यार्थियों की आधार कार्ड की तरह अपार आइडी जनरेट की जाएगी।
मनीष वर्मा, जेडी लोक शिक्षण संचालनालय