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गर्लफ्रेंड को लेकर विवाद में आरोपियों ने कार में लगाई थी आग, चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपियों का निकाला जुलूस, थाना प्रभारी ने कहा दहशत फैलाने पर होगी कार्रवाई, रखी जा रही है नजर

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Four people arrested for setting a car on fire after a dispute over a girlfriend

जुलूस के दौरान उठक-बैठक लगवाती हुई पुलिस। फोटो-पत्रिका

बीना. गर्लफ्रेंड को लेकर हुए विवाद के चलते कुछ युवकों ने योजनाबद्ध तरीके से एक कार और घर में आग लगा दी थी, मामले में पुलिस ने एसडीओपी अजय कुमार सनकत के मार्गदर्शन में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों का थाने से अस्पताल तक जुलूस भी निकाला।
पुलिस ने बताया कि भूपेन्द्र पिता नंदकिशोर कैथौरिया निवासी गांधी वार्ड के घर के बाहर खड़ी कार क्रमांक एमपी 15 जेडजे 8241 व घर में अज्ञात लोगों ने 13 मई को पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। मामले में जांच में सामने आया कि फरियादी के बेटे लकी उर्फ मयंक और आरोपी सलमान उर्फ आफताब के बीच गर्लफ्रेंड को लेकर पहले विवाद हुआ था। इसी विवाद के चलते सलमान और अयान अली ने पीडि़त के घर और वाहन को जलाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि घटना वाले दिन आरोपी ने सलमान उर्फ आफताब पिता अल्ताफ खान (23), अयान पिता माजिद अली, करन पिता संतोष रैकवार (20), रौनक पिता पप्पू अहिरवार (19) और रामगोपाल पिता बलराम अहिरवार (20) ने मिलकर साजिश रची थी। इसके बाद आरोपियों ने पेट्रोल से भरे दो पॉलीथिन पैकेट कार और घर के अंदर फेंककर आग लगा दी। इससे कार पूरी तरह जल गई थी, जबकि घर के अंदर लगी आग को परिवार के लोगों ने समय रहते बुझा लिया। मामले में चार आरोपी सलमान, रामगोपाल, करन, रौनक को गिरफ्तार कर लिया है और अयान अली की तलाश जारी है। घटना में उपयोग की गई बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। शहर में दशहत फैलाने वाले इन सभी आरोपियों को पुलिस ने जुलूस निकाला।

दहशत फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
थाना प्रभारी ने बताया कि शहर में जो भी व्यक्ति दहशत फैलाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर रील बनाकर दहशत फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी अनूप यादव, एसआई जय सिंह, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सिंह, सुनील सिंह, यूनिस खान, आरक्षक प्रमोद कुमार, गोपाल तोमर, संदीप यादव, बाबूलाल, संदीप प्रधान, दीप सिंह और भूपेन्द्र परिहार की अहम भूमिका रही।