सागर

नगर निगम कार्यालय की जगह पर तैयार होगा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, 30 साल तक निजी कंपनी संचालन करेगी

सागर. नगर निगम का नया कार्यालय बनकर तैयार हो गया है, नए भवन में शिफ्टिंग के बाद वर्तमान कार्यालय की जमीन पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स तैयार किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने पहली बार डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस एंड ट्रांसफर) मॉडल अपना है। इस मॉडल के तहत जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा, वह खुद […]

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Sep 16, 2024
  • पहली बार डीबीएफओटी मॉडल अपनाया
  • नगर निगम ने जारी किया टेंडर, कंपनी खुद तैयार करेगी कॉम्प्लेक्स, 19.73 करोड़ रुपए भी देगी

सागर. नगर निगम का नया कार्यालय बनकर तैयार हो गया है, नए भवन में शिफ्टिंग के बाद वर्तमान कार्यालय की जमीन पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स तैयार किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने पहली बार डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस एंड ट्रांसफर) मॉडल अपना है। इस मॉडल के तहत जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा, वह खुद कॉम्प्लेक्स तैयार करके अगले करीब 30 साल तक उसका संचालन करेगा। इसके लिए नगर निगम ने टेंडर भी जारी कर दिया है।

जमीन भी सुरक्षित, राशि भी मिलेगी

डीबीएफओटी मॉडल अपनाने के पीछे एक बड़ी वजह यह है कि खाली पड़ी जमीन पर तैयार किए जाने वाले इस प्रोजेक्ट की न तो डीपीआर/डिजाइन बनवाने में नगर निगम को राशि खर्च करनी पड़ेगी और न ही व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बनवाने में। कंपनी इस जमीन के बदले नगर निगम को 19.73 करोड़ रुपए का भुगतान भी करेगी, जिससे नगर निगम की जमीन भी सुरक्षित बनी रहेगी।

25 सितम्बर को नए कार्यालय का उद्घाटन

जिला सहकारी बैंक के बाजू में करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से नगर निगम का चार मंजिला नया कार्यालय बनकर तैयार हो चुका है। जानकारी के अनुसार 10 दिन बाद यानी 25 सितम्बर को नए कार्यालय का उद्घाटन भी होने की प्लानिंग नेताओं से लेकर अधिकारियों ने कर ली है। इसके बाद कुछ ही दिनों में शिफ्टिंग के साथ कामकाज नए कार्यालय से शुरू हो जाएगा।

क्या है डीबीएफओटी मॉडल

डीबीएफ़ओटी मॉडल, सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक मॉडल है। जानकारों के अनुसार इस मॉडल में जो भी निजी कंपनी भागीदारी करेगी उसी को प्रोजेक्ट की डीपीआर/डिजाइन तैयार करनी होगी और वही निर्माण कार्य और फाइनेंस करेगा। प्रोजेक्ट के संचालन की जिम्मेदारी एक सीमित समय तक निजी भागीदार को सौंपी जाती है। समय सीमा समाप्त होने के बाद उक्त जमीन और पूरा प्रोजेक्ट वापस संबंधित शासकीय एजेंसी को सौंप देता है।

टेंडर लगा दिया है

नए कार्यालय में शिफ्टिंग के बाद वर्तमान ऑफिस की जमीन खाली हो जाएगी। हमने अपने भवन और भूमि की कॉस्ट निकाली है, जिसका भुगतान टेंडर लेने वाली कंपनी नगर निगम को करेगी। इसमें सालाना भी कुछ राशि निगम को मिलेगी। समय-सीमा पूरी होने के बाद प्रोजेक्टर नगर निगम को हैंडओवर हो जाएगा। - राजकुमार खत्री, आयुक्त, नगर निगम

Published on:
16 Sept 2024 05:34 pm
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