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पहले सिंघाड़े की फसल और खरपतवार की बदबू आती थी तालाब से, पंचायत ने डाली चार बोट, लोग आ रहे घूमने

Earlier, the pond used to smell of water chestnut crop and weeds, the Panchayat put four boats in, people are coming to visit.

तालाब में डाली गई बोट

बीना. जहां कभी सिंघाड़े की खेती और खरपतवार की बदबू के कारण घाट पर खड़ा होना तक मुश्किल होता था, वहीं अब खिमलासा तालाब को लोग देखने पहुंच रहे हैं। क्योंकि यहां पंचायत ने कई बदलाव किए हैं, जिससे पंचायत की आय तो बढ़ी ही है। साथ ही आसपास के लोगों को घूमने के लिए अच्छा स्थान मिल गया है। आगे के लिए भी यहां प्लान तैयार किया गया है।
पंचायत ने तालाब में पैडल बोटिंग की शुरुआत की है, जिससे वर्तमान में हर दिन करीब 500 से 700 रुपए तक की आय हो रही है। आने वाले समय में महिला एवं बच्चों को ध्यान में रखते हुए इंजन से चलने वाली बोट भी तालाब में डालने की तैयारी है, जिससे आय में और बढ़ोतरी होगी। तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पंचायत द्वारा कई योजनाएं बनाई गई हैं। तालाब के चारों ओर पिचिंग कार्य कराया जाना है और इसके साथ ही पार्क विकसित किया जाएगा, ताकि लोग परिवार के साथ बैठकर समय बिता सकें। घूमने आने वाले लोगों की सुविधा के लिए तालाब के चारों तरफ 6 मीटर चौड़ी सड़क बनाए जाने की भी योजना है।

बारिश के पहले किया जाएगा पौधारोपण
बारिश के पहले तालाब के दूसरी ओर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे हरियाली बढ़े और पर्यावरण संतुलन बना रहे। तालाब की सुंदरता को और निखारने के लिए बीच में फब्बारा लगाया जाएगा, जो रात के समय रोशनी के साथ आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके अलावा तालाब क्षेत्र को पूरी तरह मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले लोगों के लिए थाने के पीछे चौपाटी तैयार की जाएगी, जहां खाने-पीने की दुकानें लगेंगी। बच्चों के लिए ट्राय ट्रेन और महिलाओं के लिए ओपन जिम भी जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की यह पहल न केवल गांव की पहचान बदल रही है, बल्कि रोजगार और मनोरंजन के नए अवसर भी पैदा कर रही है।

जिले में अलग पहचान रहेगी तालाब की
खिमलासा के तालाब में पहले सिंघाड़े की खेती की जाती थी और तालाब की सफाई कराने के बाद उसे पर्यटन के लिए विकसित किया जा रहा है। जल्द ही यहां पर बच्चों व महिलाओं का ध्यान रखकर उनके घूमने के लिए कई अन्य योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
अशोक साहू, सरपंच, खिमलासा