सागर

भए प्रगट कृपाला : एक क्विंटल पंचरंगी फूलों से सजे राघवजी सरकार, गुलाब बाबा मंदिर में फोड़ी मटकी

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम दूसरे दिन मंगलवार को भी शहर के विभिन्न मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया।मिनी वृंदावन कहे जाने वाले बड़ा बाजार क्षेत्र के श्रीदेव बांके राघवजी, श्रीदेव अटल बिहारी जी, द्वारिकाधीश, श्रीदेव राधा माधव लाल जी गेड़ा मंदिर एवं रामबाग मंदिर में मंगलवार को जन्माष्टमी मनाई गई।

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Aug 29, 2024
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देव बिहारीजी, राघवजी, रामबाग, द्वारिकाधीश व गेड़ा जी मंदिर में दूसरे दिन मनी जन्माष्टमी

सागर. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम दूसरे दिन मंगलवार को भी शहर के विभिन्न मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया।मिनी वृंदावन कहे जाने वाले बड़ा बाजार क्षेत्र के श्रीदेव बांके राघवजी, श्रीदेव अटल बिहारी जी, द्वारिकाधीश, श्रीदेव राधा माधव लाल जी गेड़ा मंदिर एवं रामबाग मंदिर में मंगलवार को जन्माष्टमी मनाई गई। वहीं गुलाब बाबा मंदिर में मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। युवाओं की टोली मटकी फोड़ी और जन्माष्टमी का आनंद लिया। जन्माष्टमी के अवसर पर काकागंज गोपाल लाल मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। दोपहर 1 बजे गाजे-बाजे भजन कीर्तन के साथ शोभायात्रा निकाली गई। कृष्ण हरि यादव ने बताया कि शोभायात्रा गोपाल मंदिर से शुरु होकर पंतनगर पिपरिया, गोला कुआ, अरिहंत कॉलोनी, बड़ा बाजार, चमेली चौक, कोतवाली, तीन बत्ती, भीतर बाजार, परकोटा होते हुए वापस मंदिर परिसर में समाप्त हुई।

देव बांके राघवजी मंदिर में मना महोत्सव
बड़ा बाजार स्थित देव बांके राघवजी मंदिर में मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव मनाया गया। एक क्विंटल पचरंगी फूलों से सजे फूल बगला में रात 12 बजे शंख, झालर व घंटा ध्वनि के साथ राघवजी सरकार का जन्मोंत्सव मनाया गया। पुजारी निताई दास ने बताया कि दिनभर भक्तों के लिए गर्भगृह के पट बंद रहे। रात 11.30 बजे राघवजी सरकार का पंचामृत से महाभिषेक किया गया। वृंदावन की पोशाक, चांदी की बंशी व मोर मुकुट से भगवान को सजाया जाएगा। रात 12 बजे जन्मोत्सव की महाआरती की गई।

चांदी के पालना में दर्शन देंगे द्वारिकाधीश
सत्यनारायण घाटी स्थित श्रीदेव द्वारिकाधीश मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव के तहत मंगलवार को जन्माष्टमी मनाई गई। मंदिर की उत्सव समिति के शिवम सोनी ने बताया कि जन्म के पूर्व भक्तों द्वारा भजन कीर्तन व जन्म के पद गायन हुए। रात 11 बजे बधाई उत्सव, 11.45 बजे अभिषेक और रात 12 बजे जन्मोत्सव की महाआरती की गई। रात 12.15 बजे मंदिर परिसर में ही नंद के आनंद भयो जय कन्हैंया लाल की जय घोष के साथ गोविंदाओं ने दही, हाडी की मटकी फोड़ी बुधवार को नंद महामहोत्सव मनाया जाएगा। जिसमें ठाकुर जी चांदी के पालना में व चांदी के खिलौने खेलते हुए भक्तों को दर्शन देंगे।

Updated on:
29 Aug 2024 11:48 am
Published on:
29 Aug 2024 11:47 am
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