आचार्य विद्यासागर शिष्य निर्यापक मुनि पुंगव सुधा सागर की जन्मस्थली जयोदय तीर्थक्षेत्र ईशरवारा में प्रतिवर्ष की परंपरानुसार मेला लगता है और धार्मिक आयोजन होते हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम मे महिला महासमिति एवं बीजेएस कटरा चैप्टर की महिलाएं भी शामिल हुई।महासमिति अध्यक्षा रेखा जैन अहिंसा ने बताया कि वसंत पंचमी का धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से […]
आचार्य विद्यासागर शिष्य निर्यापक मुनि पुंगव सुधा सागर की जन्मस्थली जयोदय तीर्थक्षेत्र ईशरवारा में प्रतिवर्ष की परंपरानुसार मेला लगता है और धार्मिक आयोजन होते हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम मे महिला महासमिति एवं बीजेएस कटरा चैप्टर की महिलाएं भी शामिल हुई।
महासमिति अध्यक्षा रेखा जैन अहिंसा ने बताया कि वसंत पंचमी का धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बड़ा महत्व है। धार्मिक दृष्टि से जैनियों के सबसे महान आचार्य कलिकाल सर्वज्ञ कुंद कुंद भगवान की जन्म तिथि है। जयंती पर संगोष्ठी हुई। मंगलाचरण मीना खमकुंआ ने किया। संध्या सिंघाई, कल्पना जैन, आत्म ज्योति, मीना चौधरी, अनीता,मंजू बम्होरी, ज्योति, सीमा, संगीता, शोभा, वबीता, कविता, अभिलाषा आदि महिलाओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।