सागर

कॉलोनाईजर ने डेड़ एकड़ सरकारी जमीन पर  कर  लिया था अतिक्रमण

कॉलोनी का मुख्य द्वार प्रशासन ने तोड़ा, सागर-नरसिंहपुर मार्ग स्थित ग्राम बड़तूमा में में शासकीय भूमि पर बना लिया था कॉलोनी का मुख्य द्वार, एसडीएम ने राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंच कर की कार्रवाई

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Feb 07, 2020
Colonizer had encroached on one and a half acres of government land

सागर. शासकीय भूमि पर अवैध रुप से अतिक्रमण कर सागर-नरसिंहपुर मार्ग पर ग्राम बड़तूमा में कॉलोनी विकसित की जा रही कॉलोनी पर एसडीएम संतोष चंदेल ने राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंच कर कार्रवाई की है। मंगलमूर्ती डेव्लपर्स द्वारा हेरीटेज रेसीडेंसी के नाम से विकसित हो रही कॉलोनी में करीब डेड़ एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी का मुख्य द्वार का निर्माण कर लिया गया था। जिले में भू-माफिया के खिलाफ शुरु हुई कार्रवाई व अतिक्रमण विरोधी मुहिम के चलते जिला प्रशासन ने जिले भर में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा का सर्वे कराया था। इस सर्वे में ग्राम बड़तूमा में कॉलोनाईजर द्वारा करीब डेड़ एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध रुप से कब्जा करने की पुष्टि हुई थी। गुरुवार को एसडीएम चंदेल ने राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंच कर बनाया गया सीमेंट कांक्रीट का गेट तोड़ दिया। एसडीएम ने बताया कि मंगलमूर्ती डेव्लपर्स ने करीब डेड़ एकड़ शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिली थी। पूर्व में कॉलोनाईर को नोटिस दिया गया था। नोटिस का जवाब संतोषप्रद न मिलने से कार्रवाई कर अतिक्रमए हटा दिया गया है। मकरोनिया नपा से सटी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले पूर्व में भी आते रहे हैं।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में आएगी तेजी

पिछले दो माहो से नगर सहित जिले भर में चल रही अतिक्रमण विरोधी मुहिम करीब एक पखवाड़े से धीमी पड़ गई है। लेकन पटवारियों द्वारा किए गए सर्वे के बाद एक बाद फिर मुहिम शुरु कर दी गई। बताया जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में अवैध कब्जेधारियों पर कार्रवाई की गति तेज होगी। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक मकरोनिया सहित आसपास के इलाकों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे चिन्हित किए गए हैं। इन अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।

निजी विवि प्रबंधन ने कर ली थी सरकारी भूमि पर फैंसिंग

इसी इलाके में स्वामी विवेकानंद निजी विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा भी करीब एक एकड़ भूमि पर अवैध रुप से फैंसिंग कर अतिक्रमण की जानकारी मिली थी। एसडीएम चंदेल ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। यहां काई निर्माण नहीं किया गया है। नोटिस के बाद प्रबंधन ने स्वयं फैंसिंग आदि हटा ली है।

Published on:
07 Feb 2020 09:00 am
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