सागर

संसार से पार जाना है तो देव शास्त्र गुरु की शरण में आना होगा- मुनि

यह बात मुनिश्री निरोग सागर महाराज ने बालक कॉम्प्लेक्स जैन मंदिर में धर्मसभा में कही।

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Mar 04, 2025
sagar

जिन बनने के लिए जिन की ही पूजा करना होगी और कोई रास्ता नहीं है, सच्चे देव शास्त्र गुरु की शरण में जब हम जाएंगे तभी संसार से हमारा बेड़ा पार हो पाएगा। नहीं तो संसार में भटकते रहोगे। यह बात मुनिश्री निरोग सागर महाराज ने बालक कॉम्प्लेक्स जैन मंदिर में धर्मसभा में कही। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व बालक कॉम्प्लेक्स क्या था लेकिन आज गुरुदेव की कृपा से यह डॉक्टरों की नगरी है। अधिकांश डॉक्टर जैन समाज के हैं, यह सब उनकी ही कृपा के कारण हुआ है।

वर्तमान समय में धर्म से दूर

मुनि ने कहा कुछ लोग हमेशा कहते हैं, उनकी दुकान नहीं चल रही है, क्योंकि वे धर्म कर रहे हैं। जबकि विदेशों में लोग धर्म नहीं कर रहे हैं, फिर भी बहुत बड़े आदमी हैं। तो महाराज ने कहा पूर्व जन्म के कारण विदेश में धनवान हैं, लेकिन वर्तमान समय में धर्म से दूर हैं। आप लोगों ने भी पूर्व जन्म में धर्म किया था लेकिन कम, इसके कारण से आप लोग अच्छे कुल में पैदा तो हो गए लेकिन धनवान कम हैं। इस जन्म में आप अच्छा धर्म करो, दान करो तो अगला भव आपका और अच्छा होगा। मुनिश्री ने कहा धर्म करने से अनन्त गुणा फल प्राप्त होता है, हर व्यक्ति का धन दान के रूप में नहीं लगता है, यदि आपका पुण्य होगा तो ही आपका धन मन्दिर निर्माण में लगेगा, नहीं तो आपका मन ही नहीं कहेगा कि हम दान दें। दान पाप का ब्याज चुकाना कहलाता है और त्याग मूल चुकाना कहलाता है। दान परिग्रह का प्रायश्चित है।

Published on:
04 Mar 2025 04:45 pm
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