स्वास्थ्य विभाग की क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन ने कहा कि गर्भावस्था में मधुमेह की समय पर पहचान और उपचार मां एवं शिशु दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे गर्भावस्था एवं प्रसव संबंधी जटिलताओं को कम करने में सहायता मिलती है। गर्भावस्था में डायबिटीज मां एवं बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन ने कहा कि गर्भावस्था में मधुमेह की समय पर पहचान और उपचार मां एवं शिशु दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे गर्भावस्था एवं प्रसव संबंधी जटिलताओं को कम करने में सहायता मिलती है। गर्भावस्था में डायबिटीज मां एवं बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है।
वे गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज प्रोजेक्ट (जीडीएम) पर मेटरनिटी फाउंडेशन की कार्यशाला में बोल रही थीं। फाउंडेशन की प्रतिनिधि डॉ. जूली और डॉ. राधा ने कहा कि जीडीएम प्रोजेक्ट मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके प्रभाव आगामी समय में और व्यापक होंगे। कार्यशाला में वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन व अन्य विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। डॉ. सुशीला यादव, डॉ. जितेंद्र सिंह, सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी, डॉ. अचला जैन, आरएमसीएच कॉर्डिनेटर कपिल चौबे, प्रभारी जीडीएम जॉली साबू भी उपस्थित रहीं।