
बीना. समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन पांच फरवरी से शुरू होना हैं, जो एक मार्च तक चलेंगे। पूर्व की भांति किसान कहीं से भी ऑनलाइन ही पंजीयन करा सकेंगे। समर्थन मूल्य कितना मिलेगा अभी इसको लेकर किसान असमंजस में हैं। जानकारी के अनुसार पांच फरवरी से गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन का काम शुरू होगा, जो एक मार्च तक होंगे। पंजीयन सहकारी समिति केन्द्र सहित ऑनलाइन कंप्यूटर सेंटर, कियोस्क आदि माध्यमों से करा सकते हैं। उपज के बदले किसान को भुगतान आधार लिंक बैंक खाते में किया जाना है। यदि किसी वजह से आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान नहीं हो पाता है, तो किसान द्वारा पंजीयन केंद्र पर उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। वहीं, पिछले वर्ष तक उपज बेचने के लिए किसानों को एसएमएस आने का इंतजार करना पड़ता और फिर वह संबंधित केंद्र पर उपज लेकर पहुंचते थे। इस बार इसमें बदलाव किया गया है और नई व्यवस्था में किसान स्वयं ऑनलाइन स्लॉट बुक कर अपने हिसाब से केंद्र, उपज बेचने की तारीख व समय तय कर सकेंगे।
ठेके पर है खेती तो कराना होगा सत्यापन
किसान ने अपनी खेती ठेका या बटाईदार को दी है, तो इनके पंजीयन इसी आधार पर होंगे। इसके लिए किसान को सहकारी समिति केन्द्र पर बनाए गए पंजीयन केन्द्रों पर जाकर कराना होगा। साथ ही राजस्व विभाग द्वारा इसका सत्यापन किया जाएगा।
चुनावी घोषणा के अनुसार मिले समर्थन मूल्य
किसानों का कहना है कि मप्र चुनाव के समय धान खरीदी 3100 रुपए क्विंटल पर खरीदने की घोषणा सरकार ने की थी, लेकिन 2138 रुपए क्विंटल पर ही खरीदी गई है। इसी तरह चुनाव में गेहूं 2700 रुपए क्विंटल खरीदी करने की घोषणा की है और केन्द्र सरकार द्वारा 2275 रुपए क्विंटल दाम तय किए गए है। चुनाव के समय की गई घोषाण के अनुसार 2700 रुपए क्विंटल से खरीदी होगी या नहीं अभी तय नहीं हो पाया है। 2275 रुपए की दर से खरीदी हुई, तो किसान मंडी में ही उपज बेचेंगे। साथ ही पंजीयन पर भी असर दिखेगा।
सिर्फ पंजीयन की आई है तारीख
पांच फरवरी से पंजीयन शुरू हो जाएंगे, जो एक मार्च तक होंगे। समर्थन मूल्य कितना होगा अभी इसकी जानकारी नहीं आई है।
प्रशांत सिंह, कनिष्ठ खाद्य अधिकारी, बीना