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Sagar News: रानी लक्ष्मीबाई के हीरा व्यापारी भाई ने जब संकट में खोल दिया था खजाना, राखी के रिश्ते की चर्चित कहानी

Raksha Bandhan Story: सागर की मराठा रानी और हीरा कारोबारी के बीच सदियों पहले बना राखी का रिश्ता सिर्फ भाई-बहन के प्यार तक सीमित नहीं था, बल्कि संकट में राजकाज संभालने का भरोसा भी था।
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सागर

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Akash Dewani

Aug 28, 2026

rani lakshmibai kher raksha bandhan story

Rani Lakshmibai Kher Rakhi Story: रानी लक्ष्मीबाई के हीरा व्यापारी भाई ने जब संकट में खोला खजाना ( फोटो सोर्स- Chatgpt)

Rani Lakshmibai Kher Raksha Bandhan Story: इतिहास अपनी अनूठी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कहानियों के लिए जाना जाता है। रक्षाबंधन के पावन पर्व से जुड़ा एक ऐसा ही ऐतिहासिक किस्सा सदियों पुराना है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ आपसी विश्वास, सुरक्षा और व्यापारिक सहयोग की मिसाल पेश करता है। यह कहानी है सागर की मराठा रानी लक्ष्मीबाई खेर और प्रसिद्ध हीरा कारोबारी महेश दत्त दवे परिवार की है।

रानी ने हीरा व्यापारी को बांधी राखी

रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का ही त्योहार नहीं है, बल्कि इतिहास में यह आपसी सहयोग और सुरक्षा का भी बड़ा माध्यम रहा है। सागर में मराठा शासनकाल के दौरान रानी लक्ष्मीबाई खैर और हीरा कारोबारी महेश दत्त दवे के बीच का संबंध इसी अद्भुत परंपरा को बयां करता है। रानी लक्ष्मीबाई ने दवे परिवार को अपना भाई बनाया था और हर साल रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उन्हें राखी बांधती थी।

व्यापार को मिलता था पूर्ण संरक्षण और सुरक्षा

इतिहासकार डॉ. रजनीश जैन बताते हैं कि वर्तमान पारस टॉकीज और किले के सामने नजरबाग का इलाका कभी महेश दत्त दवे के मालिकाने में हुआ करता था। वहां उनके हीरा व्यापार के संस्थान और निवास थे। रानी लक्ष्मीबाई के प्रभाव से इस व्यापारी परिवार को अपने व्यवसाय के लिए पूर्ण सुरक्षा, सुलभता और संरक्षण प्राप्त था, जिससे वे बेफिक्र होकर अपने व्यापार को समृद्ध करते थे।

रियासत को मिलती थी आर्थिक मजबूती

इतिहासकारों के अनुसार यह रिश्ता केवल भावनात्मक नहीं बल्कि राज्य संचालन में भी मददगार था। जब भी मराठा शासन को वित्तीय संकट या राजकाज चलाने के लिए धन की आवश्यकता होती थी, तब हीरा व्यापारी महेश दत्त दवे का परिवार खुलकर मदद करता था। रक्षाबंधन के अवसर पर व्यापारी द्वारा भेंट किए जाने वाले एक लाख रुपए रानी के राजकाज को संभालने में बहुत बड़े मददगार साबित होते थे।

कौन थीं मराठा रानी लक्ष्मीबाई खेर?

रानी लक्ष्मीबाई खेर सागर के मराठा शासक और राजा गोविंद पंत खेर की बहू थीं। वह उनके बड़े बेटे बालाजी पंत की पत्नी थीं। जब बालाजी पंत युद्ध अभियानों पर जाते थे, तब रानी लक्ष्मीबाई ही कुशलता के साथ सारा राजकाज संभालती थीं। सागर के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

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