पमरे के कोटा मंडल में की गई वितरित, भोपाल मंडल में भी जल्द मिलेंगी
बीना. रेलवे जल्द ही ट्रैकमैन की सुरक्षा के लिए रक्षक डिवाइस मुहैया कराएगी, जिसके बाद वह सुरक्षित तरीके से ड्यूटी कर सकेंगे। इसकी मांग भी रेलकर्मियों के हित में रेलवे यूनियन ने उच्चाधिकारियों से की है।
गौरतलब है कि इंजीनियरिंग विभाग के ट्रैकमैन कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान उनकी जान जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुछ माह पहले भी चुलहेटा स्टेशन के पास दो रेलकर्मियों की जान अचानक ट्रेन सामने आ जाने के कारण गई थी, ऐसी ही एक घटना करीब चार साल पहले मंडीबामोरा स्टेशन के आगे घटित हुई थी, जिसमें भी दो रेलकर्मियों की जान चली गई थी। इस प्रकार की घटनाओं के बाद भी रेलवे इनकी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी थी। वर्तमान में रक्षक डिवाइस भोपाल मंडल के रेलकर्मियों को देने की तैयारी है। वर्तमान में यह कोटा मंडल में कुछ कर्मचारियों को दी गई हैं।
डब्ल्यूसीआरएमएस कर चुका है मांग
एनएफआइआर/वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने रेलवे बोर्ड से कीमैन व ट्रैकमैन के रनओवर की घटनाओं को रोकने के लिए रक्षक डिवाइस की मांग रखी थी, लेकिन रेलवे बोर्ड के एप्रूवल के बाद भी यह डिवाइस जोन से रेलकर्मियों के लिए नहीं दी गई है, जिसके बाद जोनल महामंत्री अशोक शर्मा ने अधिकारियों से जल्द से जल्द डिवाइस देने की मांग की है।
ऐसे काम करती है डिवाइस
डिवाइस के पहले हिस्से में स्टेशन पर ट्रांसमीटर व टावर लगाए जाते हैं। दूसरे में ट्रैक पर काम करने वाले रेलकर्मी को रिसीवर यानी रक्षक फोन दिया जाता है। मान लीजिए, स्टेशन ए व बी के बीच मेंटेनेंस का काम चल रहा है तो ए से ट्रेन रवाना होते ही स्टेशन पर लगे ट्रांसमिटर व टावर से रेडियो तरंगों से सूचना रेलकर्मी के पास वायरलेस पर तत्काल पहुंच जाएगी और उसका बजर तेज आवाज करने लगेगा, इससे रेलकर्मी अलर्ट हो जाएंगे। इतना ही नहीं अप व डाउन लाइन से आने वाली ट्रेनों पर अलग-अलग आवाजें आएंगी।