सागर

पंचग्रही युति योग में मनाई जाएगी हनुमान जंयती, वर्षों पुराने प्राचीन मंदिरों में संकट मोचन की होगी पूजा-अर्चना

. चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि शनिवार को हनुमान जयंती शहर में धूमधाम से मनाई जाएगी। शहर में प्राचीन हनुमान मंदिरों में विशेष श्रृंगार होगा। हनुमान जयंती पर इस बार 57 साल बाद पंचग्रही युति योग बन रहा है।

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Apr 12, 2025
hanumanji

शहर में 400 वर्षों से अधिक पुराने हैं हनुमान मंदिर

सागर . चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि शनिवार को हनुमान जयंती शहर में धूमधाम से मनाई जाएगी। शहर में प्राचीन हनुमान मंदिरों में विशेष श्रृंगार होगा। हनुमान जयंती पर इस बार 57 साल बाद पंचग्रही युति योग बन रहा है। इस योग में हनुमान आराधना सुख, समृद्धि और ग्रहों की अनुकूलता के लिए विशेष मानी गई है। मीन राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि और राहु की युति बन रही है। पंचग्रही युति में किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए हनुमानजी की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा।

400 वर्ष पुराने हैं देव सिद्धेश्वर हनुमान

देव सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर चंपा बाग मंदिर करीब 400 वर्ष प्राचीन हैं। यहां महारानी रानी लक्ष्मी बाई पूजन के लिए आई थीं। हनुमान महाराज जमीन से ही प्रकट हुए हैं। पं. रघु शास्त्री ने बताया कि मंदिर में महाकाल, मां लक्ष्मी, मां दुर्गा, मां सरस्वती, राधा कृष्ण, भगवान शिव परिवार, राम दरबार, शनि देव महाराज व काल भैरव भगवान सभी देवता यहां पर विराजमान है। माता पार्वती की मूर्ति कुएं की खुदाई में मिली थी। भगवान देव सिद्धेश्वर महाराज के सामने एक वृक्ष लगा हुआ है। वृक्ष के नीचे शुद्ध घी के सात दिए रखने से आपकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। जो भी यहां सात दीपक जलाकर अर्जी लगता है उसकी 45 दिन में मनोकामना पूर्ण हो जाती है। यहां तीन बड़े आयोजन होती है। महाशिवरात्रि, रामनवमी और भगवान हनुमान के प्रकट उत्सव पर शोभायात्रा निकाली जाती है।

पूर्व मुखी है पहलवान बब्बा की मूर्ति

प्राचीन पहलवान बब्बा मंदिर में हनुमानजी की पूर्व मुखी प्रसिद्ध और चमत्कारी मूर्ति है। जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां भी स्वयंभू प्रतिमा है। मंदिर के पुजारी रूपेश शास्त्री ने बताया कि पहलवान बब्बा हनुमान का मंदिर सैकड़ों साल पुराना मंदिर है। यहां भक्तों की हर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। रूपेश शास्त्री ने बताया कि हनुमान जयंती का पर्व हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि यहां धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर में हनुमान चालिसा, अभिषेक, विशेष श्रंृगार के साथ दिनभर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

दादा रूप में विराजमान हनुमान महाराज

देव दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर जय दादा दरबार में हनुमान महाराज का एक प्रसिद्ध मंदिर है जो श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। यहां हनुमान दादा स्वरूप में प्रतिष्ठित हैं। दादा शब्द की व्याख्या एक श्रेष्ठ, ज्येष्ठ के रूप में संस्कृति एवं परंपरा में मानी जाती है। दादा परिवार के बुजुर्ग, तो कहीं बड़े भाई, तो कहीं आस्था के प्रतीक के तौर पर सच्चे मित्र माने जाते हैं। इसी स्वरूप को साकार करते हनुमानजी दक्षिण मुखी स्वयं प्रकट देव के तौर पर जय दादा दरबार में प्रतिष्ठित हैं। यहां बजरंगबली का विग्रह अभय मुद्राधारी है जो भक्तों को आशीर्वाद देने की मुद्रा कहलाती है।

परेड मंदिर में विराजे है मूंछों वाले हनुमान

छावनी इलाके में परेड मंदिर में मूंछों वाले हनुमान विराजे हैं। परेड मंदिर स्थित हनुमान सेना के जवानों की आस्था का केंद्र हैं। माना जाता है कि यहां हनुमान एक सैनिक के रूप में विराजमान हैं। इस मंदिर को लेकर कई तरह के किस्से भी प्रचलित है। यहां हनुमान के कई रूपों में मूर्तियां भी देखने मिलती है। मंदिर को परेड मंदिर कहे जाने के पीछे कई किवदंती हैं कई श्रद्धालु तो हनुमान को सैनिक के रूप में मानते है क्योंकि यहां विराजे हनुमान की रौबदार मूछें है और हाथ सलामी देता प्रतीत होता है।

Published on:
12 Apr 2025 11:28 am
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