
बीना. ग्राम बारधा में स्थित शराब दुकान पर रविवार की दोपहर अचानक पहुंची महिलाओं ने महिलाओं ने धावा बोल दिया। महिलाओं ने दुकान के अंदर तोड़फोड़ की और शराब की बोतलें बाहर फेंक दीं। आक्रोशित महिलाओं को देखते हुए दुकान से कर्मचारी भाग निकले। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। इस मामले में सरपंच पर महिलाओं के उकसाने के आरोप लग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 2.45 बजे बड़ी संख्या में महिलाएं दुकान पर पहुंची थीं और अंदर घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। साथ ही वहां रखीं शराब की बोतलें बाहर फेक कर तोड़ दीं। महिलाओं की भीड़ को देखते हुए कर्मचारी दुकान से भाग निकले। दुकान में तोडफ़ोड़ की सूचना बीना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले ही महिलाओं ने जमकर तोड़फोड़ कर दी थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। महिलाओं ने सडक़ पर बैठकर चक्काजाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि शराब के कारण परिवार बर्बाद हो रहे हैं। घर में कुछ खाने नहीं रहता है, फिर भी पुरुष शराब पीकर आ रहे हैं। साथ ही दुकान के पास भी असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने से वहां से निकलने में भी परेशानी होती है। महिलाओं का कहना था कि आठ दिन पहले दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था, लेकिन दुकान नहीं हटाई गई, जिससे यह कदम उठाना पड़ा।
शराब दुकान के कर्मचारी राहुल सेन ने बताया कि सरपंच ने एक लाख रुपए मांगें और रुपए न देने पर धमकी थी। इसके बाद उन्होंने महिलाओं से दुकान में तोडफ़ोड़ कराई है। दुकान में करीब 45 हजार रुपए रखे थे, नकदी सहित करीब 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई है।
ग्राम पंचायत बारधा सरपंच रामनरेश राजपूत ने बताया कि 15 अगस्त को दुकान से अवैध शराब बेची जा रही थी और इसकी शिकायत पुलिस से की थी, जिसकी पावती भी है। इसी बात को लेकर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। दुकान में तोडफ़ोड़ की सूचना होने पर मौके पर पहुंचकर महिलाओं को समझाइश दी थी।
दुकान मे तोड़फोड़ करने के मामले में 15 नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी को चिंहित किया जाएगा। इस मामले में सरपंच पर भी मामला दर्ज होगा।
अनूप यादव, थाना प्रभारी, बीना