राजस्व वसूली के मामले में सागर जिला संभाग में अव्वल
सागर. राजस्व वसूली के मामले में सागर जिला संभाग में अव्वल स्थान पर है, जबकि सीमांकन के प्रकरणों के निराकरण में पन्ना जिला प्रथम स्थान पर है। ५ साल से ज्यादा के प्रकरण सर्वाधिक ११० प्रकरण छतरपुर जिले में अब भी लंबित है वहीं सागर में १७ हजार से ज्यादा प्रकरण अभी लंबित हैं। यह तथ्य शुक्रवार को प्रदेश के मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई राजस्व प्रकरणों की संभागीय समीक्षा में उजागर हुए। कमिश्नर व कलेक्टर्स को निर्देश देते हुए सीएस ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का तय समय सीमा में निराकरण करे साथ ही लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान दें। राजस्व न्यायालयों में बटवारा, सीमांकन तथा नामांतरण के एक वर्ष से 5 वर्ष के अवधि के लंबित सभी प्रकरणों की नियमित सुनवाई की जाए।
कलेक्टर करें नियमित समीक्षा- मुख्य सचिव ने कहा कि सीमांकन, अविवादित नामांत्रण, तथा बटवारे के सभी प्रकरणों के निराकरण की कलेक्टर नियमित समीक्षा कर करें। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में पटवारियों को ठीक से प्रशिक्षण देने तथा खरीफ फसल की गिरदावरी ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान एप से स्वघोषित गिरदावरी, डॉयवर्सन राशि की वसूली तथा सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण के संबध में निर्देश दिए गए। इस दौरान एनआइसी केन्द्र में संभागायुक्त मनोहर दुबे, कलेक्टर आलोक कुमार सिंह, नगर निगम कमिश्नर अनुराग वर्मा, अपर कलेक्टर तन्वी हुड्डा व राजस्व अधिकारी मौजूद थे।
राजस्व वसूली
सागर राजस्व संभाग में 5 सितंबर 2018 तक कुल 36 करोड़ 12 लाख 61 हजार 981 रुपए राजस्व वसूली की गई है। इस वसूली के मामले में सागर जिला संभाग में पहले स्थान पर है। जिले में 30 करोड़ रुपए राजस्व लक्ष्य के विरुद्ध 2 करोड़ 92 लाख रुपए राजस्व वसूली की गई है। इस तरह से लोक सेवा केन्द्र से मिले प्रकरणों के निवारण में सागर पहले व दमोह़ दूसरे स्थान पर लोक सेवा केन्द्र के जरिए मिले राजस्व प्रकरणों के निवारण में सागर जिला पूरे संभाग में पहले स्थान पर है। राजस्व संभाग में 29905 ग्राम हैं। संभाग में अब तक 4 लाख 18 हजार 5 भू-अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।