सागर

कालबेलिया और लावणी नृत्य ने मोहा मन, ढिमरयाई पर कलाकारों के साथ थिरके दर्शक

रविंद्र भवन में शनिवार शाम को कलाकारों ने बधाई, गरबा, लावणी छत्तीसगढ़ी और ढिमरयाई जैसे विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य प्रस्तुत किए। इसके साथ ही शास्त्रीय नृत्य कत्थक का भी दर्शकों ने आनंद उठाया।
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Updated: 5 Oct 2025, 5:20 PM IST
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रविंद्र भवन में शनिवार शाम को कलाकारों ने बधाई, गरबा, लावणी छत्तीसगढ़ी और ढिमरयाई जैसे विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य प्रस्तुत किए। इसके साथ ही शास्त्रीय नृत्य कत्थक का भी दर्शकों ने आनंद उठाया। यहां संभावना समग्र विकास समिति गोपालगंज व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के सहयोग से संभावना सबरंग कला महोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी प्रेमस्वरूप तिवारी, विशिष्ट अतिथि भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेश पंडित , कार्यक्रम के अध्यक्ष मीडिया विशेषज्ञ डॉ. आशीष द्विवेदी व निर्देशक डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने मां सरस्वती का पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। आयोजक संस्था की ओर से राहुल चौरसिया, राजीव जाट और डॉ. अतुल श्रीवास्तव आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।
मंच पर कलाकारों ने डांस की प्रस्तुतियां दी। इसमें लोककला निकेतन के कलाकारों ने बधाई नृत्य प्रस्तुति हुई। रजनी दुबे ने गणेश वंदना और ढोला मारू डांस का प्रदर्शन किया। रुचि लारिया ने कालबेलिया डांस और रितिका सेन ने लावणी नृत्य प्रस्तुत किया। रंग संस्कार ग्रुप के कलाकारों द्वारा गरबा नृत्य पेश किया गया। अंशिका विश्वकर्मा, पूर्वा कोष्ठी, वेदांशी दुबे, देवांशी पटैल, मोहिनी राजपूत आदि ने आकर्षक प्रेयर डांस प्रस्तुत किया। अंतिम प्रस्तुति के रूप में बुंदेली के लोकप्रिय कलाकार लीलाधर रैकवार ने अपने साथी कलाकारों के साथ ढिमरयाई नृत्य प्रस्तुत किया। रविंद्र भवन में उपस्थित दर्शकों ने सारी प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लेते हुए जोरदार तालियों से कलाकारों का अभिनंदन किया और खुद भी जमकर झूमे। संचालन सतीश साहू ने किया। प्रस्तुति सहयोग रचना तिवारी व आशीष खटीक का रहा।

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5 Oct 2025, 5:20 PM IST
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