मीडिया और मानवाधिकार विषय पर कार्यशाला सागर. यदि किसी देश में मानवाधिकारों की स्थिति विषम है तो मीडिया को भी स्वतंत्र रूप से कार्य करने में कठिनाई होती है। ऐसी परिस्थिति में मीडिया की असली परीक्षा भी होती है। ऐसे प्रसंग भी हैं जब जटिल परिस्थितियों में मानवाधिकारों के हनन के बीच गंभीर क्षति सहकर […]
मीडिया और मानवाधिकार विषय पर कार्यशाला
सागर. यदि किसी देश में मानवाधिकारों की स्थिति विषम है तो मीडिया को भी स्वतंत्र रूप से कार्य करने में कठिनाई होती है। ऐसी परिस्थिति में मीडिया की असली परीक्षा भी होती है। ऐसे प्रसंग भी हैं जब जटिल परिस्थितियों में मानवाधिकारों के हनन के बीच गंभीर क्षति सहकर भी मीडिया ने अपना दायित्व निभाया और मानवाधिकार बहाली में भी सफल योगदान दिया। यह बात इंक मीडिया के निदेशक डॉ. आशीष द्विवेदी ने कही। वे शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मीडिया और मानवाधिकार विषय पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखना, हवालात में कैदियों के साथ दुर्व्यवहार, हत्याएं और प्रताड़ना के मामले अक्सर ही सामने आते रहते हैं। खुद मीडियाकर्मियों के साथ भी ऐसी घटनाएं घटती हैं और आम जनता के साथ होने वाली ऐसी घटनाओं को कवर करने से उन्हें रोका भी जाता है। विभाग के शिक्षक डॉ. प्रहलाद अहिरवार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से छात्राएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी। विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता त्रिपाठी ने आभार माना।