मलेरिया विभाग के कर्मचारी नहीं देते ध्यान, नगर पालिका रहती है स्वास्थ्य विभाग के भरोसे
बीना. बारिश का पानी शहर में जगह-जगह जमा हो रहा है, लेकिन न तो लार्वा सर्वे हो रहा है और न ही दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। बारिश के पानी में डेंगू फैलने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि स्वच्छ पानी में ही डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लार्वा पनपता है। पिछले वर्षों में मरीज सामने आए भी हैं, लेकिन फिर भी सबक नहीं लिया जाता है।
शहर के वार्डों व कॉलोनी में खाली पड़े प्लाट या अन्य जगहों पर पानी जमा हो रहा है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। जमा पानी में नपा द्वारा दवा नहीं डाली जा रही है। यदि दवाओं का छिड़काव लगातार होता रहे, तो लार्वा नहीं पनप पाएगा। शहर में लार्वा सर्वे, दवा का छिड़काव करने का कार्य नगर पालिका का है, लेकिन फिर भी लापरवाही बरती जाती है।
मलेरिया विभाग में नहीं स्टाफ
मलेरिया विभाग में एक इंस्पेक्टर और एक सुरपवाइजर का पद स्वीकृत है, लेकिन दोनों पद खाली हैं। विभाग की जिम्मेदारी संभालने के लिए एक कर्मचारी को इंस्पेक्टर का प्रभार दिया गया है। यह स्थिति पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है।
लोगों को जागरूक होने की जरूरत
मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है और कूलर का पानी बदलने सहित आसपास पानी जमा न होने दें, यदि पानी जमा हो रहा है तो उसमें दवा का छिड़काव करें, जिससे मच्छर न पनप सकें।