पांच माह पहले सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुई थी बैठक, लोगों ने दिए थे सुझाव, धरातल पर नहीं हुआ एक भी कार्य
बीना. सड़क सुरक्षा व्यवस्था की बैठक का आयोजन पहली बार पांच माह पहले 7 मार्च को नगर पालिका में हुआ था, इसमें अधिकारी, जनप्रतिनिधि सहित शहरवासी शामिल हुए थे। बैठक में शहर को व्यवस्थित करने लोगों ने सुझाव दिए थे, लेकिन अभी तक इन्हें धरातल पर नहीं उतारा गया है।
शहरवासियों ने व्यवस्थाएं सुधारने के लिए चौराहों, तिराहों पर सिग्नल लगाने के साथ-साथ साउंड सिस्टम लगाने के लिए कहा था। साउंड सिस्टम से अव्यवस्थित वाहन खड़े करने वालों को हटाने में मदद मिलती, लेकिन अभी तक न सिग्नल लगे हैं और न ही साउंड सिस्टम। साथ ही ऑटो को खड़े करने के लिए जगह चिंहित करने, सब्जी व फल के हाथठेलों को मुख्य सडक़ों से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने, पार्किंग व्यवस्था बनाने, आवारा मवेशियों को शहर से बाहर करने, चौराहों-तिराहों पर व्यवस्थित रोटरी बनाने सहित अन्य सुझाव दिए थे, जिनपर कोई कार्य नहीं हुआ है। जो शहरवासी इस बैठक में शामिल हुए थे, वह आज भी उन सुझावों पर अमल होने का इंतजार कर रहे हैं।
ब्रिजों के नीचे होने थे हाथठेले शिफ्ट
प्रशासन ने सब्जी व फल के ठेले ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट करने की तैयारी की थी और निरीक्षण भी किया था, लेकिन अभी तक यह कार्य नहीं हुआ है। जबकि यह शहर की सबसे बड़ी समस्या है। सर्वोदय चौराहे से आंबेडकर तिराहा तक सब्जी मंडी जैसी नजर आने लगी है।
बैठक में यह भी आए थे सुझाव
बैठक में ब्रिज पर पार्किंग बंद करने, महावीर चौक को व्यवस्थित करने, गांधी चौराहे पर डिवाइडर तोडकऱ जगह बनाने, सागर गेट अंडरब्रिज के पास लोग वाहन खड़े करते हैं, जिसपर रोक लगाने, अतिक्रमण मुहिम लगातार जारी रखने, कहीं भी बस खड़ी न करने, महावीर चौक पर स्तंभ और डिवाइडर के बीच का रास्ता बंद कराने के सुझाव भी शामिल थे।