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जंक्शन से हर दिन निकलती हैं डेढ़ सौ से ज्यादा ट्रेनें, लेकिन कई ट्रेनों का समय से संचालन न होने से कारण परेशान यात्री

बीना. भले ही रेलवे यात्रियों को सुविधाएं देने का दम भरती है लेकिन अभी भी कई ऐसी समस्याएं है जिनकी लगातार मांग के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जंक्शन से वर्तमान में डेढ़ सौ से ज्यादा ट्रेनें जंक्शन से गुजरती हैं लेकिन अभी भी कुछ रुट पर उचित समय […]

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More than 150 trains depart from the junction every day, but passengers are troubled due to many trains not running on time.

फाइल फोटो

बीना. भले ही रेलवे यात्रियों को सुविधाएं देने का दम भरती है लेकिन अभी भी कई ऐसी समस्याएं है जिनकी लगातार मांग के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जंक्शन से वर्तमान में डेढ़ सौ से ज्यादा ट्रेनें जंक्शन से गुजरती हैं लेकिन अभी भी कुछ रुट पर उचित समय पर ट्रेनों का संचालन न होने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ हाल बीना से सागर की ओर जाने वाली ट्रेनों का है, जहां जाने के लिए बीना से दर्जनों ट्रेनें है, लेकिन जिस मुख्य ट्रेन की मांग लंबे समय से की जा रही है उस चालू कराने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

दरअसल बीना जंक्शन से सभी दिशाओं के लिए हर दिन डेढ़ सौ से ज्यादा ट्रेनें निकलतीं हैं। लेकिन अभी भी इसमें सागर ऐसा रुट है जहां पर उचित समय पर ट्रेनों का संचालन नहीं किया जा रहा है, जिस वजह से सैकड़ों यात्रियों को दिक्कत हो रही है। कोराना काल के पहले बीना से सागर के लिए सुबह आठ बजे बीना-दमोह पैंसेजर ट्रेन चलाई जाती थी, जो सुबह 8 बजे बीना से चलकर सुबह 10 बजे सागर व दोपहर 12 बजे दमोह पहुंच जाती थी। यह ट्रेन बीना सहित बीना से सागर के बीच मिलने वाले सभी गांव व शहर के यात्रियों के लिए मुख्य ट्रेन थी। क्योंकि इस ट्रेन से यात्री समय से अपने गंतव्य के लिए पहुंच जाते थे। बीना से ही यह ट्रेन फुल हो जाती थी।

घंटों पहले पहुंच जाते हैं काम के लिए

यदि किसी यात्री को काम से सागर जाना हो तो ऑफिस समय दस बजे के घंटों पहले ही उन्हें अन्य ट्रेनों से सफर करके सागर जाना होता है। कई लोग जो जरूरी काम से सागर जाते हैं, वह सुबह पांच बजे की बीना-कटनी मेमू या फिर कामायनी एक्सप्रेस से सफर करते हैं। जो सुबह साढ़े छह से साढ़े सात बजे के बीच पहुंच जाती है। इस वजह से उन्हें घंटों यहां-वहां ऑफिस खुलने का इंतजार करना पड़ता है। यदि सुबह आठ बजे जाने वाली पैसेंजर को फिर से चालू कर दिया जाए, तो जिले के सैकड़ों यात्रियों को लाभ होगा।

हो रही है परेशानी

बीना से सागर जाने के लिए सुबह आठ बजे जाने वाली पैसेंजर बंद है, जिस वजह से हमें जल्दी किसी ट्रेन से सागर जाना होता है। लेकिन वहां पर उस समय ऑफिस नहीं खुले होते हैं, जिससे घंटों इंतजार करना पड़ता है।

राहुल यादव, शहरवासी

रेलवे को समझना चाहिए लोगों की समस्या

रेलवे को यात्रियों की समस्या का ध्यान रखना चाहिए। जब बीना-दमोह पैसेंजर चलती थी, तो बड़ी संख्या में यात्री भी यात्रा करते थे साथ ही अच्छा रेवेन्यू भी रेलवे को मिलता था।

मोहित शर्मा, शहरवासी

मांग का भी नहीं असर

सागर जाने वाले अपडाउनर्स व अन्य यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे को कई बार मांग के लिए ज्ञापन व एक्स पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय रेलवे ने नहीं लिया है।

नीतेश दुबे, मंडल अध्यक्ष, अपडाउनर्स एसोसिएशन