शाम के वक्त बीमार पड़ें तो मेडिकल में इलाज की उम्मीद न करें। यहां से आपको उल्टे पांव ही लौटना पड़ेगा।
सागर. मिशन मर्जर की खामियां लगातार उजागर हो रही हैं। अब जिम्मेदारों की एक और अदूरदर्शिता सामने आई है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को योजनाकारों ने मर्ज तो कर दिया, लेकिन यदि कोई शाम के वक्त बीमार होता है तो उसे ओपीडी में डॉक्टर ही नहीं मिल रहे। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ सुबह एक ही शिफ्ट में ओपीडी खुलने का प्रावधान है।
अब यहां बड़ा सवाल यह है कि जब दोनों संस्थानों को एक कर दिया गया तो फिर ओपीडी क्यों एक ही शिफ्ट में चल रही है? शासन और विभाग के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में की जा रही अनदेखी और अनियमितताओं से मरीज बेहाल हैं। नियमों के पेंच में सुविधाएं बढऩे के बजाय कम होती जा रही हैं। जब मर्जर नहीं हुआ था, तब जिला अस्पताल में शाम को भी ओपीडी खुलती थी। मर्जर के बाद बीएमसी में गायनी व पीडिट्रिक्स को छोडक़र सभी विभाग मर्ज हो गए हैं। मर्जर प्लान बनाते वक्त शाम की ओपीडी शुरू करने में जिम्मेदारों से बड़ी चूक हुई है। ऐसे में मरीज मजबूरन निजी अस्पताल जा रहे हैं।
छह दिन बैठते थे ओपीडी में डॉक्टर
मर्जर से पहले अस्पताल में सभी डॉक्टर छह दिन ओपीडी में बैठते थे। मर्जर के बाद बीएमसी और अस्पताल के डॉक्टरों की यूनिट बना दी गई है। इनके दिन भी फिक्स कर दिए हैं। अब अस्पताल के डॉक्टर हफ्ते में एक दिन ओपीडी में बैठते हैं। दूसरे दिन राउंड लेते हैं। बाकी दिन कॉल पर आते हैं। बीएमसी में मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। इससे सभी डॉक्टरों को छह दिन ओपीडी में बैठना जरूरी ही है। दो बार हो चुके रिव्यू में इन खामियों को नजरअंदाज किया गया है
नियमों का फेर
प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में शाम को ओपीडी नहीं लगती है। एमसीआई की गाइडलाइन में भी इसका प्रावधान नहीं है। भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर आदि मेडिकल कॉलेजों में शाम को ओपीडी नहीं लगती है। यहां पर मरीज जिला अस्पतालों में अपना उपचार कराने पहुंचते हैं। बीएमसी में भी यही स्थिति है।
कैज्युअल्टी में मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी
बीएमसी में २४ घंटे डॉक्टर रहते हैं। विशेषज्ञों को दिखाने के लिए उन्हें मेडिकल ऑफिसर कॉल पर बुलाते हैं। यह स्थिति साधारण मरीजों पर लागू नहीं होती। रसूख रखने वाले या फिर पहचान वाले मरीज ही शाम को इन डॉक्टरों से उपचार करा पाते हैं।
ऐसे बढ़े मरीज
जून
ओपीडी- 27064 आईपीडी- 3465
जुलाई
ओपीडी- 29868 आईपीडी- 3374
अगस्त
ओपीडी- 32049 आईपीडी- 3780