भृत्य आत्महत्या मामला: जज दंपती को नहीं मिली जमानत

बुधवार को जज दंपती की अर्जी का पता चलते ही सूरज के परिजनों ने वकील रूपसिंह यादव के माध्यम से शपथ पत्र प्रस्तुत कर जमानत अर्जी का विरोध किया।

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Oct 29, 2015
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सागर।भृत्य की आत्महत्या के मामले में प्रताडऩा के आरोपी जज दंपती की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। जैसे ही जज दंपती की ओर से उनके वकील ने अर्जी दाखिल की मृतक भृत्य के परिजनों ने जांच अधूरी और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताकर आपत्ति दर्ज कराई। सरकारी वकील और पीडि़त पक्ष के तर्क और आपत्ति से सहमति होकर अपर सत्र न्यायाधीश अजित सिंह ने जमानत देने से इंकार कर दिया।

परिजनों की आपत्ति
आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज होने के बाद आरोपी जज दंपती बद्रीप्रसाद और रेखा मरकाम की ओर से वकील ने अग्रिम जमानत अर्जी पेश की। बुधवार को जज दंपती की अर्जी का पता चलते ही सूरज के परिजनों ने वकील रूपसिंह यादव के माध्यम से शपथ पत्र प्रस्तुत कर जमानत अर्जी का विरोध किया। अपर लोक अभियोजक एमडी अवस्थी ने भी विवेचना अधूरी होने और गवाहों के प्रभावित होने की आशंका जताकर जमानत न देने का आग्रह किया।

यह है मामला
शास्त्री वार्ड में रहने वाले कोर्ट भृत्य सूरज यादव ने 20 अक्टूबर को घर में फांसी लगा ली थी। परिजनों ने पुलिस को उसके द्वारा छोड़ा सुसाइड नोट सौंपकर जज दंपती बद्रीप्रसाद मरकाम और रेखा मरकाम पर प्रताडऩा का आरोप लगाया था। उन्होंने पुलिस में दर्ज कराए बयानों में कहा था कि सूरज से जज दंपती बंगले पर झाडू, पोंछा, बर्तन और कपड़े धुलवाते हैं। सूरज ने आत्महत्या से पहले वाट्सएप पर भेजे अपने संदेशों में भी फांसी लगाने और प्रताडऩा का जिक्र किया था।

इसलिए किया खारिज
पुलिस विवेचना अभी जारी है, अपराध गंभीर है और इसलिए जमानत देना उचित नहीं है इसलिए जमानत निरस्त की जाती है यह लिखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजित सिंह ने जज दंपती ने आर्डर कर दिया। इससे पहले न्यायाधीश के सामने पीडि़त पक्ष ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी।
Published on:
29 Oct 2015 11:21 am
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