
बीना. जनपद पंचायत की साधारण सभा की बैठक का अयोजन बुधवार को जनपद अध्यक्ष उषा राय की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें एजेंडे में शामिल 14 प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया।
पीएचई विभाग के अधिकारी ने बताया कि बीना क्षेत्र में 36 नलजल योजनाएं हैं, जिसमें 19 पंचायत को हैंडओवर हो चुकी है। साथ ही 5 का कार्य 90 प्रतिशत हो हो चुका है। अन्य सभी योजनाएं अक्टूबर माह तक पूर्ण हो जाएंगी। इस संबंध में जनपद पंचायत सीईओ प्रदीप पाल ने कहा कि अधूरी योजनाएं हैंडओवर करने के लिए ठेकेदार सरपंच, सचिव पर दबाव न बनाएं। तीन माह ट्रायल के बाद ही संयुक्त निरीक्षण होगा और फिर हैंडओवर की जाएंगी। रामपुर, गोदना, मुडिय़ा देहरा में कमियां हैं, जिससे योजनाएं चालू नहीं हो पा रही हैं। वहीं, जल निगम के अधिकारी ने बताया कि 128 गांव में जल जीवन मिशन के तहत नलजल योजना का कार्य चल रहा है, जिसमें 43 टंकियों का निर्माण किया जा रहा है। दिसंबर तक पहले फेज में खुरई क्षेत्र में पानी सप्लाई होने लगेगा। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अमरप्रताप सिंह ने बताया कि जल निगम द्वारा पाइप लाइन डालने में लापरवाही बरती जा रही है। आगासौद रोड पर पुल के ऊपर लाइन डाली है, जिससे पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाएगी। साथ ही सडक़ों के सोल्डर की खुदाई कर सही तरीके से भराव नहीं किया गया है। इसकी जांच जनपद पंचायत के उपयंत्री से कराने की बात कही। बैठक में जनपद सदस्य पूरन सिंह रघुवंशी, पीपी नायक, प्रकाश सिंह, कल्याण सिंह, लक्ष्मी कुशवाहा, शोभाबाई अहिरवार, पप्पू सेन, बिहारी अहिरवार, मीरा बाई आदिवासी सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
सदस्य ने जताई नाराजगी, कहा ऑफिस में कोई नहीं मिलता
जनपद सदस्य शिवकुमार चढ़ार ने बैठक के दौरान सीईओ से कहा कि ऑफिस में कोई अधिकारी नहीं मिलते हैं, जिससे उनके काम नहीं हो पा रहे हैं। सीईओ ने कहा कि वह फील्ड पर रहते हैं और सुबह के समय ऑफिस में बैठते हैं। सीईओ ने यह भी कह दिया कि आप पूछने वाले कौन होते हैं और इस बात पर सदस्य ने नाराजगी जताई।
स्कूल क्यों हो रहे हैं बंद
बैठक में पत्रिका में प्रकाशित खबर का भी जिक्र किया गया और शिक्षा विभाग से आए बीएसी असलम खान से उपाध्यक्ष ने पूछा की तीन स्कूल इस सत्र में बंद क्यों हो गए हैं? जिसपर बीएसी ने कहा कि दर्ज संख्या शून्य होने से यह स्थिति निॢमत हो रही है। जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं और ऐसे भवनों में बच्चों को नहीं बैठाया जा रहा है।