
बीना. कृषि उपज मंडी में स्थित धर्मकांटें की दरें तीन या चार वर्षों में बढ़ाई जाती हैं, लेकिन इस वर्ष यह दरें दो माह में ही बदल दी गई हैं, जिसमें व्यापारियों के ट्रक पर बढ़ाई गईं दरों को दूसरी बार में घटा दिया गया है। धर्मकांटा संचालक द्वारा इसकी कई शिकायतें भारसाधक अधिकारी व एसडीएम से की जा चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार तत्कालीन सचिव ने 5 अगस्त 26 को धर्मकांटे की तौल दरों को बढ़ाया था, जिसमें किसानों की ट्रॉली की दरें 50 रुपए थीं, बड़ी ट्रॉली 45 क्विंटल से अधिक 60 रुपए और 100 क्विंटल तक 100 रुपए निर्धारित किए थे। इसके अलावा छह चक्का ट्रक 100 रुपए, दस चक्का ट्रक 150, 12 चक्का 200, 14 व 16 चक्का ट्रक के 230 रुपए निर्धारित किए गए थे। यह दरें 4 साल के लिए लागू की गई थीं, लेकिन वर्तमान सचिव ने 1 अक्टूबर 26 को नई दरें लागू कर दी हैं। इसकी शिकायत धर्मकांटा संचालक ने एसडीएम से की है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि 1 अक्टूबर से प्रभावशील की गईं दरों में व्यावसायिक ट्रॉली की दरें निर्धारित नहीं की गई हैं। जबकि पूर्व में इन दरों को शामिल किया गया था। वहीं, अनुबंध की कंडिका 13 में प्रावधान है कि व्यापारियों के ट्रकों की तौल दरें सामान्यत: क्षेत्र की प्रचलित दरों के अनुरूप होंगी और मंडी में निर्धारित की गईं दरों के अनुसार क्षेत्र में दरें ज्यादा हैं, इसलिए दरों में संशोधन करने की मांग की है। वहीं, नियमानुसार मंडी से बाहर उपज लेकर जाने वाले व्यापारियों के ट्रकों में अनुज्ञा के साथ तौल पर्ची भी लगती है, लेकिन कई ट्रक बिना तौल पर्ची के ही निकाले जा रहे है।
1 अक्टूबर को संशोधित की गईं दरों में किसानों के ट्रैक्टर ट्रॉली की दरें यथावत 50 रुपए रखी गई हैं। इसके अलावा चार पहिया ट्रॉली 90 रुपए, 10 चक्का ट्रक 130 रुपए, 12 चक्का 180 रुपए, 14 चक्का 200 रुपए, 16 चक्का की दरें ट्रक 220 रुपए निर्धारित की गईं हैं।
तत्कालीन सचिव द्वारा बढ़ाई गईं दरें ज्यादा थीं और व्यापारी इसका विरोध कर रहे थे, जिससे संसोधन किया है। नियमानुसार 10 प्रतिशत वृद्धि की गई है। साथ ही मंडी से बाहर जाने वाले व्यापारियों के ट्रकों की तौल की जा रही है और इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
राजकुमार ठाकुर, सचिव, कृषि उपज मंडी, बीना