Ramayana Burning: युवक जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचा था, न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए रामायण जलाई और खुद पर पेट्रोल छिड़कर आत्मदाह करने का प्रयास भी किया।
collectorate drama: मध्यप्रदेश के सागर में मंगलवार को हुई जनसुनवाई के दौरान एक युवक ने जमकर हंगामा मचाया। युवक ने जनसुनवाई में न्याय न मिलने की बात कहते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में ही रामायण में आग लगा दी और सुतली बम फोड़ दिया। इतना ही नहीं युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश भी की लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। युवक के द्वारा कलेक्ट्रेट में सुतली बम फोड़ने, रामायण जलाने और आत्मदाह की कोशिश करने से कुछ देर के लिए हड़कंप मचा रहा।
सागर जिले के जैसेनगर थाना क्षेत्र के घोघरी गांव का रहने वाला युवक बहादुर चढ़ार मंगलवार को कलेक्ट्रेट में हो रही जनसुनवाई में न्याय की आस लेकर आया था। युवक बहादुर चढ़ार का आरोप है कि वर्ष 2015 में गांव के दबंगों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया था। आरोपियों ने खाने की प्लेट में पेशाब कर दिया। इस घटना की लिखित शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित लगातार चक्कर काटता रहा, पर न्याय नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जनसुनवाई में अधिकारी लोगों की शिकायत सुन रहे थे। तभी अचानक युवक बहादुर चढ़ार शराब के नशे में आया। उसने जनसुनवाई में हंगामा करना शुरू कर दिया और सुतली बम फोड़ दिया। सुतली बम फटने की तेज आवाज से पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी-कर्मचारी सख्ते में आ गए। लोगों में भगदड़ का माहौल बन गया, युवक ने रामायण में आग लगा दी और खुद पर पेट्रोल छिड़कर आग लगाने की कोशिश की।
कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने जब युवक को खुद पर पेट्रोल छिड़कता देखा तो उसे समझाने की कोशिश की लेकिन जब वो नहीं माना तो पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और खुद को आग लगाने से रोका। पुलिस आरोपी युवक बहादुर चढ़ार को हिरासत में लेकर गोपालगंज थाने ले गई और वहां पर उससे पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बता दें मध्यप्रदेश के हर जिले में मंगलवार को एसपी और कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। इन जनसुनवाईयों में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं और इससे पहले भी शिकायतों का निराकरण न होने के कारण कई लोग जनसुनवाई के दौरान आत्मदाह की कोशिश कर चुके हैं।