
7 साल के इस मासूम की आंखों में आंसू है, वो बार-बार दो ही शब्द कह रहा है पापा… मम्मी…। तीन साल पहले मां आराधना इस दुनिया से चले गईं। शनिवार को पिता का साया भी बच्चे के सिर से उठ गया। जहरीली शराब की चपेट में आए पिता अजय लोधी भी चले गए। मुड़ारी गांव का यह बच्चा बार-बार एक ही बात पूछ रहा है कि पापा कहां हैं…। मेरे पापा को बुला दो। सागर शराब त्रासदी ने सिर्फ आंकड़े नहीं बढ़ाए, बल्कि एक छोटे से परिवार की दुनिया को भी हमेशा के लिए उजाड़ दिया। इस त्रासदी ने अब तक 39 जानें ले ली। और यश जैसी कई मासूम जिंदगियां अंधेरे में डूब गई हैं।
सागर शराब त्रासदी में हर दिन दिल दुखाने वाली खबर आ रही है। शनिवार को भी ऐसी ही खबर आई जब 7 साल के एक मासूम बच्चे के सिर से पिता का भी साया छूट गया। अब इस परिवार में बच्चे के लालन-पालन का संकट आ गया है। सात साल का यह बच्चा अपने पिता से बिछड़ने के बाद से बार-बार रो रहा है और पापा-मम्मी के पास जाने की जिद कर रहा है।
शनिवार को अस्पताल की आईसीयू में भर्ती दो और मरीजों ने दम तोड़ दिया। इनमें 45 साल के विनोद रजक थे, उनके दो बच्चे हैं। इनके अलावा 30 साल के अजय लोधी भी थे, जिन्होंने दम तोड़ा। उनकी पत्नी आराधना तीन साल पहले ही गुजर गई थी। यश के पिता अजय लोधी गांव मुड़ारी में ग्राम पंचायत सचिव थे। उन्हें अपने पिता गणपत के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। बच्चे की पूरी जिम्मेदारी अब दादी उमा लोधी पर आ गई है। दूसरी मौत विनोद रजक की हुई है, जो बंडा के गूगरा गांव के रहने वाले हैं। उनके घर भी मातम पसरा हुआ है।
इससे एक दिन पहले तक जहरीली शराब पीने से 37 मौत हो चुकी है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन आइसीयू में भर्ती 30 वर्षीय मुकेश पिता मुन्ना लोधी की मौत शुक्रवार को हो गई थी। डाक्टर पांच दिन से उसे बचाने का प्रयास कर रहे थे। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। शुक्रवार को जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 37 हो गई थी। शनिवार को यह आंकड़ा दो लोगों की मौत के बाद 39 हो गया है। 9 लोग अब भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। डाक्टर आईसीयू में भर्ती 5 मरीजों की आंखों की रोशनी बचाने का प्रयास कर रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम इनकी देखरेख कर रही है।