
शराब कांड का मुख्य सरगना का रवि लखेरा का शार्ट एनकाउंटर (फोटो सोर्स: Patrika)
Sagar News :मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से अबतक हुई 36 मौतों के मामले में पुलिस का अबतक का सबसे बड़ा एक्शन सामने आया है। अभी अभी खबर सामने आई है कि, शराब कांड का मुख्य आरोपी और सरगना रवि लखेरा का पुलिस द्वारा शार्ट एनकाउंटर किया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी के पैर में गोली लगने की खबर है।
बता दें कि, रवि लखेरा एमपी के ही छतरपुर जिले का रहने वाला है। सूत्रों की मानें तो 45 वर्षीय रवि लखेरा ने करीब 30 साल से अवैध शराब के इस काले कारोबार का हिस्सा है। जिला मुख्यालय से सटे ग्राम महेबा के सुरेश लखेरे के तीन बेटों में से एक रवि लखेरा बचपन में अपने पिता के परंपरागत कारोबार में हाथ बंटाता था। पिता महिलाओं के साज-श्रंगार से जुड़े छोटे-मोटे व्यापार के जरिए अपनी रोजी-रोटी चलाते थे और पिता के साथ ही महिलाओं की नाजुक कलाईयों में रवि लखेरा भी चूड़ियां पहनाता था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी, पिता पर तीन बेटों समेत एक बड़े परिवार का जिम्मा था। ऐसे में अताह पैसों के लालच ने रवि को गुनाह की दुनिया में धकेल दिया।
पैसों के लालच में रवि बचपन में ही अपने गांव में अवैध शराब बेचने लगा। ठेकेदार के संरक्षण में उसने गांव में ही लोगों को अवैध रूप से शराब बेचने का काम शुरू किया और यहीं से उसे पैसा कमाने की लत लग गई। देखते ही देखते वो महेबा समेत आसपास के कई गांव में ठेकेदार की शराब को ब्लैक में खपाने लगा। करीब 10 साल पहले रवि लखेरा के महेबा स्थित एक खेत से एक ट्रक अवैध शराब पकड़ी गई थी। जैसे-जैसे रवि की उम्र बढ़ती गई उसके गुनाहों की सूची भी लंबी होती गई। करीब 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए फिर भी रवि लखेरा ने शराब के कारोबार को नहीं छोड़ा।
अवैध शराब से शुरू हुआ उसका कारोबार धीरे-धीरे शराब के वैध कारोबार की तरफ बढ़ने लगा। उसने शराब के अन्य माफियाओं और कुछ भाजपा नेताओं के साथ मिलकर शराब के ठेके लेना शुरू किए। मौजूदा समय में भी छतरपुर के गढ़ीमलहरा में स्थित शासकीय शराब ठेके और निवाड़ी के एक सरकारी ठेके में उसकी हिस्सेदारी बताई जा रही है।
जब छतरपुर में वो अवैध शराब कारोबारी के रूप में कुख्यात हो गया और पुलिस उसे अनेक मुकदमों में आरोपी बनाने लगी तो पुलिस की वसूली से तंग आकर उसने छतरपुर जिला छोड़ दिया। जानकारी है कि, वो कुछ वर्षों एमपी छोड़कर एमपी-यूपी बॉर्डर पर स्थित यूपी के ललितपुर में रहने लगा। लेकिन यहां उसने कारोबार को और गंदा बना दिया। शराब कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि, ललितपुर में ही उसने शराब की एक फैक्ट्री शुरू की जहां वो कैमिकल के जरिये अपने खुद के शराब ब्राण्ड बनाने लगा। लगभग 4 महीने पहले पुलिस ने इसी फैक्ट्री से अवैध शराब से जुड़ी सामग्री भी पकड़ी थी। रवि इस मामले में जेल गया और हाल ही में 15 अगस्त को उसकी जमानत हुई थी।
इधर, बण्डा कांड में पकड़े गए दो आरोपी चंदू लोधी और मनीष लोधी ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि, नकली शराब बनाने का फॉर्मूला उन्होंने रवि लखेरा से ही लिया है। इसी नकली शराब के फॉमूले ने अब तक कई लोगों की जान ले ली है। इसी कड़ी में बीते 3-4 दिन से फरार चल रहे रवि लखेरा का आज बंडा पुलिस ने शॉट एनकाउंटर किया है। बता दें कि, उसपर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था।
खबर अपडेट की जा रही है..
Updated on:
11 Sept 2026 10:48 am
Published on:
11 Sept 2026 10:08 am
