Sagar- अग्निकांड में पुलिस को ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल का भी संदेह
Sagar- सागर-गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में आग में जलकर सीमा पटेल की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। दरअसल पुलिस इस बात की तह तक पहुंचना चाह रही है कि सीमा पटेल कार में जिंदा जली या मारकर जलाया गया है। इसके लिए सीमा के पति डॉक्टर नीलेश और उसके दो कर्मचारियों से 48 घंटे से लगातार पूछताछ चल रही है।
नीलेश ने शुक्रवार-शनिवार की रात से सुबह 4 बजे तक फोन कॉल पर जिस तरह सीमा के हार्ट अटैक, हादसे और फिर मौत की जो अलग-अलग बातें बताई थीं, वैसे ही अब भी वह पुलिस के सामने अपने बयान बार-बार बदल रहा है। हादसे और हत्या के बीच उलझे इस मामले में सानौधा पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस की अब तक की तफ्तीश में सबसे अहम फॉरेंसिक व वैज्ञानिक साक्ष्य ही माने जा रहे हैं।
रविवार को पुलिस डॉक्टर नीलेश पटेल को लेकर उसके गढ़ाकोटा के घर पहुंची। यहां जांच-पड़ताल के बाद क्लोज सर्किट कैमरों के डीवीआर को जब्त कर लिया है। इस डीवीआर से पुलिस बीते दिनों में घर की तमाम गतिविधियों का परीक्षण करेगी। पुलिस का मानना है कि इससे अहम सुराग मिल सकते हैं। सीमा घर में थी तब से लेकर उसे कार में बैठाकर निकलने तक के हर सेकंड के फ्रेम को देखा जाएगा। पुलिस ने जांच के बाद घर को सील कर दिया है।
सीमा को बेहोशी की हालत में लेकर गए थे तीनों
घटना के दौरान कार में डॉ. नीलेश के साथ मौजूद दो कर्मचारी उसके घर में किराये से रहते हैं। बताया जा रहा है कि सीमा की तबीयत खराब होने के चलते नीलेश उन्हें साथ ले आया था। घटना के वक्त मौजूद दोनों कर्मचारियों से भी कड़ी पूछताछ कर रही है। नीलेश व सीमा के तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा खुरई में पढ़ाई करता है। उस रात घर में मौजूद दोनों छोटे बच्चों से भी पुलिस ने पूछताछ की। इसमें नीलेश के मोबाइल में आपत्तिजनक फोटो मिलने की बात सामने आई है। साथ ही मालूम चला है कि बेहोशी की हालत में सीमा को घर से लेकर निकले थे।
घटना का रीक्रिएशन, नार्को भी कराने की हुई बात
गढ़ाकोटा से लौटते समय पुलिस नीलेश को लेकर घटनास्थल पर पहुंची। यहां सीन रीक्रिएट करके देखा गया। इसके बाद पुलिस अंतिम नतीजे पर पहुंच गई है। साक्ष्य जुटाकर इस मामले की कड़ी जोड़कर पर्दा उठाया जाएगा। पुलिस को अगर संदेह रहता है, तो नार्को टेस्ट भी करा सकती है। वहीं मृतका के भाई लोकेश पटेल ने बताया कि पुलिस लगातार डॉ. नीलेश से पूछताछ कर रही है। लोकेश ने बताया कि थाना प्रभारी से बात हुई थी, उन्होंने अंदेशा जताया है कि आगजनी की घटना में किसी ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग हुआ है। पूछताछ के दौरान नीलेश के दो साथियों ने पुलिस को यह बात बताई है।
शरीर जला, हड्डियां बचीं, बिसरा और टिशू से पता जलेगा जहर तो नहीं दिया
कार में जलने से महिला का शरीर पूरी तरह जल गया। उसके शरीर में किसी प्रकार के अवशेष शेष नहीं थे। इस वजह से प्रथम दृष्टया डॉक्टरों काे भी मौत का कारण स्पष्ट तौर पर समझ नहीं आया है। पूरी तरह जलने के बाद भी लीवर के टिशू सहित बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। सुरक्षित रखे टिशू और बिसरा से स्पष्ट हो सकता है कि मौत से पहले कोई दवा या किसी प्रकार का विषैला पदार्थ तो नहीं दिया गया था।
मृतका के पिता राधाचरण पटेल ने नीलेज पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा है कि सीमा को जानबूझकर मारा गया है। हो सकता है कि उसे घर में ही मारा गया हो और फिर हत्या को हादसे का मोड़ देने की कोशिश की गई हो। वहीं इस बात का भी संदेह जाहिर किया है कि कहीं पारिवारिक विवाद और पति के दूसरी महिला से संबंध होने के चलते सीमा ने तनाव में आकर तो आत्महत्या नहीं कर ली हो और पति नीलेश ने मामले को छिपाने की कोशिश में इस साजिश को रचा हो। सीमा के भाई ने कहा है कि नीलेश ने पहले फोन किया था और कहा था कि सीमा कुछ बोल नहीं रही। उसे अस्पताल ले जा रहे हैं। इसके बाद एक्सीडेंट हुआ और फिर कार में आग लग गई।