
बीना. पीडब्ल्यूडी विभाग ने किसानों की जमीन अधिग्रहित कर आगासौद से रिफाइनरी के गेट नंबर एक तक रोड बनाई थी। क्योंकि इस सड़क पर 2020 में अस्थायी कोरोना अस्पताल और ऑक्सीजन वॉटलिंग प्लांट बनाया गया है। साथ ही आगासौद चक्क गांव भी है। रिफाइनरी के भारी वाहनों के कारण इस सड़क पर जानलेवा गड्ढे बन गए हैं, जिसमें एक स्कूल वाहन फंसने से बड़ा हादसा टल गया।
सडक़ का निर्माण छोटे वाहनों को निकालने के लिए किया गया था, लेकिन रिफाइनरी विस्तार के लिए आई कंपनियों के बेचिंग प्लांट इसी रोड पर लगाए गए हैं और चौबीसों घंटे भारी वाहन निकल रहे हैं। इसके बाद भी रिफाइनरी प्रबंधन द्वारा सडक़ की मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है। इसी रोड पर एक स्कूल का वाहन गड्ढे में फंस गया था और लोगों ने बड़ी मशक्कत के बाद बच्चों को बाहर निकाला जा सका। बच्चों को बाहर निकालते समय आगासौद चक्क निवासी बच्चा नीरज बंजारा गड्ढे में गिरने से पानी में डूब गया था, जिससे उसे चोटें भी आई हैं। यदि स्कूली वाहन पलट जाता, तो बड़ा हादसा हो जाता। इस सड़क से ग्रामीणों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। वाहन तो दूर, पैदल निकलना भी मुश्किल है। साथ ही सड़क पर आए दिन भारी वाहन फंसने से जाम लग जाता है। आए दिन यहां वाहन फंस रहे हैं।
रिफाइनरी के भारी वाहनों से पीडब्ल्यूडी, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनी सडक़ें खराब हो गई हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनी सडक़ों की मरम्मत के लिए विभाग के अधिकारी रिफाइनरी प्रबंधन को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बिल्धई बुजुर्ग से भिलावली तक जाने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिसपर पैदल चलना भी मुश्किल है। इसके बाद भी रिफाइनरी प्रबंधन ने मरम्मत तक नहीं कराई है।
सडक़ से 85 से 100 टन वजनी वाहन निकल रहे हैं, जिससे जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस संबंध में रिफाइनरी के अधिकारियों से चर्चा करेंगे। क्योंकि इस सड़क से उनके ही भारी वाहन निकल रहे हैं।
एमएल यादव, उपयंत्री, पीडब्ल्यूडी