लाखों रुपए खर्च कर ग्रामीण क्षेत्र में नगर पालिका ने लगाई थीं लाइट, लाइटों पर की गई सिर्फ राशि बर्बाद, नहीं मिल रहा लोगों को लाभ
बीना. नगर पालिका ने करीब चार वर्ष पूर्व अपनी सीमा से बाहर बरदौरा पंचायत अंतर्गत आगासौद रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाई थीं, जिसपर लाखों रुपए खर्च किए गए थे। यह लाइटें करीब छह माह तक तो नगर पालिका ने जलाईं, लेकिन फिर पंचायत से बिल भरने के लिए कहा और सप्लाई बंद कर दी गई। पंचायत ने अभी तक स्ट्रीट लाइट हैंडओवर भी नहीं ली हैं। लाइट बंद होने के कारण असामाजिक तत्वों ने कुछ लाइटें तोड़ दी हैं, तो कुछ चोरी चली गईं हैं।
नपा ने आगासौद रोड पर मोतीचूर नदी की पुलिया से डबल लॉक गोदाम के आगे तक दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट लगवाईं थीं। छह माह तक यह लाइट नगर पालिका की बिजली से जलाई गईं और फिर पंचायत से बिल जमा करने की बात कहकर लाइट बंद कर दीं। इसके बाद पंचायत ने स्ट्रीट लाइट हैंडओवर नहीं ली हैं, क्योंकि पंचायत के पास इतना बजट नहीं है कि वह बिल जमा कर सकें। पंचायत और नगर पालिका के बीच निर्णय न होने से लाइटें बंद हैं। लाइटें चोरी होने के बाद अब खंभे भी चोरी होने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में लाइट लगाकर नगर पालिका ने सिर्फ रुपयों की बर्बादी की है। यदि यह लाइटें शहर में जरूरत वाली जगह लगाईं जाती, तो इसका लाभ लोगों को मिलता। गौरतलब है कि नगर पालिका ने आगासौद रोड और कुरवाई रोड पर भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाई गईं हैं, लेकिन यहां नगर पालिका की बिजली से ही लाइट जलाई जा रही हैं। क्योंकि यहां आंधी लाइट नपा क्षेत्र और आधी ग्रामीण क्षेत्र में हैं।
आपत्ति के बाद भी नहीं दिया था ध्यान
जब ग्रामीण क्षेत्रों में नपा द्वारा लाइट लगाईं जा रही थीं, तब भी कांग्रेस ने इसपर आपत्ति जताई थी। बैठकों में भी यह मुद्दा उठा था, लेकिन नपा से लगी हुई पंचायत होने के कारण लोगों की सुविधा के लिए लाइट लगाने की बात नपा अधिकारियों द्वारा कही गई थीं।
हैंडओवर नहीं ली हैं लाइटें
नगर पालिका ने ही लाइट लगवाईं थीं, लेकिन अभी तक पंचायत ने हैंडओवर नहीं ली हैं, क्योंकि पंचायत के पास इतना बजट भी नहीं हैं कि बिल जमा कर सकें।
मुकेश कुशवाहा, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत बरदौरा