पच्चीस वार्डों में चल रहीं सिर्फ 7 कचरा गाड़ी, जिससे बिगड़ रही व्यवस्था, स्वच्छता रैंकिंग पर पड़ेगा असर, इसके बाद भी अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
बीना. शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली कंपनी ने शहर के 25 वार्डों के लिए सिर्फ 7 कचरा गाड़ी उपलब्ध कराई हैं, जिससे सफाई व्यवस्था गड़बड़ा रही है। कम गाडिय़ां होने से सुबह की जगह दोपहर में पहुंचती हैं और लोग सड़कों पर कचरा फेंक देते हैं।
शहर में 25 वार्डों के अनुसार करीब बीस कचरा गाड़ियों की जरूरत है, जिससे समय पर गाडिय़ां वार्डों में पहुंच सकें और लोग उसमें ही कचरा डालें। अभी शहर में सिर्फ सात कचरा गाड़ी हैं और यह सुबह से वार्डों में कचरा कलेक्शन पहुंचती हैं, गाड़ी भरने पर कुरुआ स्थित एफएसटी प्लांट खाली करने जाना पड़ता है। इस स्थिति में कई वार्डों में गाड़ी दोपहर 12 बजे या इसके बाद तक पहुंचती हैं। हर दिन गाड़ी देरी से आने पर लोग मजबूरी में सड़कों पर कचरा फेंकते हैं, जिससे गंदगी फैलती है। इसके बाद भी नगर पालिका के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिषद की बैठकों में पार्षद भी यह शिकायत करते हैं, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हो पा रहा है। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत गतिविधियां शुरू हो गई हैं और अगले माह टीम भी आ सकती है। सर्वेक्षण में कचरा कलेक्शन महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
पहले चलती थीं नौ गाड़ियां
पूर्व में जब शहर में रैमकी कंपनी को काम दिया गया था, तो शहर में नौ कचरा गाडिय़ां चलती थीं, लेकिन दिसंबर 2024 में कंपनी से काम कराना बंद कर दिया था। करीब एक साल बाद फिर से कचरा कलेक्शन का कार्य नगर पालिका ने इसी कंपनी को दे दिया है, लेकिन दूसरी बार में सिर्फ सात गाड़ियां ही चलाई जा रही हैं। पहले कंपनी के भुगतान में देरी होती थी, लेकिन अब समय पर भुगतान होने के बाद भी पर्याप्त गाड़ियां नहीं चलाने से शहरवासी परेशानी हो रहे हैं।
कंपनी को लिखा है पत्र
रैमकी कंपनी अभी शहर में सात कचरा गाड़ी चला रही है और गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है। संख्या कम होने से ही समय पर वार्डों में कचरा गाड़ी नहीं पहुंच रही हैं। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
जयदीप शाक्यवार, उपयंत्री, नगर पालिका