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समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में देरी, छोटे किसानों को प्राथमिकता, बड़े काश्तकारों की बढ़ी मुश्किलें

किसानों की हो रही फजीहत, नहीं हो पा रहे स्लॉट बुक, छोटे किसानों के उपज की तौल होने के बाद ही बड़े रकबा वाले किसानों की शुरू होगी स्लॉट बुकिंग, तब तक उपज सुरक्षित रखना हो रहा मुश्किल

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Delay in wheat procurement at support price, priority given to small farmers, increasing difficulties for large cultivators

खलिहान में रखी उपज में चूहों ने मिलाई मिट्टी। फोटो-पत्रिका

बीना. इस बार गेहूं खरीदी देरी से शुरू हुई है और प्रक्रिया भी सुस्त रफ्तार से चल रही है। मंगलवार से गेहूं खरीदी शुरू हुई है, लेकिन पहले छोटे रकबा वाले किसानों की उपज खरीदी जा रही है। इस नियम ने बड़े किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। किसान अपनी उपज सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं, तो कुछ ने मजबूरी में सस्ते दामों पर बेच दी है।
जिन किसानों के पास अधिक मात्रा में गेहूं है, उनके सामने भंडारण की समस्या है। खुले में उपज रखने से आंधी, बारिश आने पर खराब होने का खतरा बना हुआ है। एक किसान ने बताया कि उनकी उपज खलिहार में रखी हुई है और चूहे नुकसान पहुंचा रहे हैं। बिलों के अंदर कई किलो उपज चली गई है। साथ ही उपज में मिट्टी भी मिल गई है, जिससे समर्थन मूल्य केन्द्र पर बेचने में परेशानी आएगी। छोटे और बड़े किसानों की उपज साथ में खरीदी जाती, तो परेशानी नहीं होती। किसान मजबूरी में सस्ते दामों पर मंडी और मील पर गेहूं बेचने के लिए पहुंच रहे हैं और घाटा उठाना पड़ रहा है।

2400 रुपए क्विंटल में मील पर बेच दिया गेहूं
बरौदिया के किसान बबलू ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए खेत में रखे हुए थे, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश से गेहूं खराब होने लगा था और खरीदी शुरू नहीं हुई थी। मजबूरी में पंजीयन होने के बाद भी मील पर 2400 रुपए क्विंटल में गेहूं बेच दिया। यदि यह गेहूं समर्थन मूल्य पर जाता, तो 2625 रुपए क्विंटल दाम मिलते। 225 रुपए क्विंटल का घाटा हुआ है।

खरीदी प्रक्रिया में लाएं तेजी
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, जिससे छोटे और बड़े किसानों की उपज की तौल जल्द हो सके। यदि 1 अप्रेल से खरीद शुरू हो जाती, तो यह स्थिति नहीं बनती और अभी तक अधिकांश किसान उपज बेच चुके होते।

अधिकारी नहीं दे पा रहे जवाब
बड़े किसानों के स्लॉट कब से बुक होंगे, इसकी जानकारी संबंधित अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं। कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी सौरभ यादव से जानकारी लेनी चाही, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।