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‘झांसी-बीना’ तीसरी लाइन जोड़ने की तैयारी तेज, 32 रेलवे स्टेशन को होगा फायदा

MP News: प्रस्तावित कार्य लगभग 60 दिनों तक चलेगा और इस दौरान कई ट्रेनों पर असर पड़ेगा और कुछ को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा।

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सागर

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Astha Awasthi

Apr 23, 2026

Jhansi-Bina Third Line

Jhansi-Bina Third Line (Photo Source - Patrika)

MP News:मध्यप्रदेश में बीना-झांसी तीसरी लाइन को जोडऩे व एनआई कार्य के लिए पश्चिम मध्य रेलवे व उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कई निर्णय लिए गए, जिसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड के लिए भेजी गई है। जानकारी के अनुसार सीपीटीएम विवेक कुमार के तत्वावधान में पश्चिम मध्य रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में झांसी-बीना तीसरी लाइन को पुरानी लाइन से जोडऩे की विस्तृत योजना पर चर्चा की गई।

प्रस्तावित कार्य लगभग 60 दिनों तक चलेगा और इस दौरान कई ट्रेनों पर असर पड़ेगा और कुछ को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार तीसरी लाइन को जोडऩे का कार्य लगभग 60 दिनों तक चलेगा। इस अवधि में कई ट्रेनों का ब्लॉक लिया जाएगा। विशेष रूप से वह ट्रेनें अधिक प्रभावित होंगी, जो बीना स्टेशन से प्रारंभ होती हैं। बैठक में यह भी तय किया गया कि लंबी दूरी की कई ट्रेनों को डायवर्ट किया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों को कार्य अवधि के दौरान रोक-रोककर चलाया जाएगा।

रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा

इससे यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में लिए गए निर्णयों को स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद ही काम शुरू हो सकेगा। यह काम होने के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा।

सीआरएस की स्वीकृति के बाद ही नई लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। बैठक में भोपाल मंडल और झांसी मंडल के सीनियर डीओएम, सीनियर डीएसटी, सीनियर डीइएन तथा गतिशक्ति परियोजना से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद अधिकारियों ने आगासौद पहुंचकर मौके का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी।

तीसरी रेल लाइन तैयार

जानकारी के अनुसार वर्ष 2016-17 में स्वीकृत 259.91 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग चार हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है। परियोजना के तहत 12 महत्वपूर्ण, 26 बड़े और 311 छोटे पुलों का निर्माण किया गया है तथा 32 रेलवे स्टेशन इससे लाभान्वित हुए हैं।

रेलवे के प्रयास, तकनीकी दक्षता और सतत मॉनिटरिंग के कारण यह परियोजना पूरी हो सकी। तीसरी लाइन के संचालन से बीना जंक्शन की महत्वता और बढ़ गई है, जो क्षेत्रीय विकास और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना का सबसे बड़ा लाभ बीना जंक्शन को मिला है, जो मध्यभारत का प्रमुख रेलवे का केंद्र है। यहां से बीना-झांसी, बीना-गुना, बीना-भोपाल और बीना-कटनी मार्ग पर ट्रेनें जाती हैं।