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MP में नरवाई की आग का तांडव, जिंदा जल गए बछड़े, सड़क पर आया परिवार,

Stubble Fire: एमपी के बीना में नरवाई की आग का तांडव। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बरामदे में बंधे तीन बछड़े लपटों में घिरकर जिंदा जल गए।

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सागर

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Akash Dewani

Apr 22, 2026

Stubble Fire Calves Burned Alive Family Left Homeless in bina mp news

Calves Burned Alive due to Stubble Fire spread (फोटो-Patrika.com)

mp news: मध्य प्रदेश के सागर जिले में नरवाई की आग ने परिवार को बेघर कर दिया। इस आग के प्रकोप से गाय के बछड़ों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना बीना के खिमलासा थाना क्षेत्र के ग्राम महेरा की है। यहां अज्ञात कारणों से लगी नरवाई की आग ने एक परिवार की जिंदगी तबाह कर दी। दोपहर करीब दो बजे खेतों से उठी आग की लपटें तेजी से फैलती हुई हरगोविंद उर्फ बबलू पिता जमना प्रसाद लोधी के घर तक पहुंच गईं। देखते ही देखते आग ने ऐसा विकराल रूप धारण कर लिया कि घर में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। सूचना मिलते स्थानीय पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे में एक महिला के भी झुलसने की जानकारी सामने आई है।

आग में जल गए गाय के बछड़े, महिला भी झुलसी

आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बरामदे में बंधे तीन बछड़े लपटों में घिरकर जिंदा जल गए। उन्हें बचाने के लिए हरगोविंद की पत्नी सावित्रीबाई बिना अपनी जान की परवाह किए आग में कूद पड़ी। इस कोशिश में वह खुद भी बुरी तरह झुलस गईं। गंभीर अवस्था में उन्हें तत्काल बीना सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

भस्म हो गया घर का पूरा सामान

घटना के समय हरगोविंद काम से खिमलासा गए थे, आग लगने की सूचना मिलते ही वह भागते हुए गांव पहुंचे, लेकिन तब तक लपटें सबकुछ निगल चुकी थीं। करीब तीस क्विंटल अनाज, टीवी, सिलाई मशीन, फ्रिज, बैड, सोफा, साइकिल और पानी के पाइप सहित वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी पल भर में राख हो गई। सूचना मिलते ही डायल 112 पर ड्यूटी कर रहे आरक्षक मलखान पाल व पायलट मौके पर पहुंचे। दो दमकल वाहनों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

घटना बताते हुए नहीं थमे आंसू

घटना के बाद हरगोविंद का पूरा परिवार सड़क पर आने को मजबूर हो गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सावित्री की बहू कमलेश लोधी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वह बिलखते हुए बोली, घर में एक दाना तक नहीं बचा बच्चों को क्या खिलाएं? अब गुजारा कैसे होगा?

परिजनों ने की मुआवजे की मांग

परिजनों ने मांग की है कि घटना में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करना मुश्किल है। परिवार के लोगों ने मांग की है कि उनके लिए मुआवजा दिलाया जाए, ताकि वह स्थिति सामान्य होने तक अपने परिवार को भरण-पोषण कर सकें। (mp news)