एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सर्वेश जैन, डॉ. दीपक गुप्ता ने मरीज को जनरल एनेस्थीसिया दिया। डॉ. सर्वेश जैन के बताया कि नकली दांत आहार नली और श्वास नली के ठीक मुहाने पर फंसे थे, इसके कारण मरीज का ऑक्सीजन सैचुरेशन बार-बार तेजी से गिर रहा था। यदि समय रहते यह उपचार नहीं मिलता, तो श्वास पूरी तरह बंद होने से मरीज की जान भी जा सकती थी। वहीं डॉ. नीतू बजाज ने आम लोगों से अपील की है कि जो लोग भी डेंटल इम्प्लांट, नकली दांत या किसी भी प्रकार की अस्थाई डेंटल डिवाइस का उपयोग करते हैं, वे रात में सोने से पहले उसे अनिवार्य रूप से निकाल दें।