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पीएचई की ब्लॉक में 36 नलजल योजनाएं, 19 हुईं पंचायतों को हैंडओवर, तीन का चल रहा ट्रायल

टंकी लीकेज, तकनीकी खामियों से अटकी प्रक्रिया, पंचायतें अधूरी योजनाएं लेने को तैयार नहीं, कुछ पंचायातों में पर्याप्त पान न होने से आ रही परेशान
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In the block, the PHE department has 36 tap-water schemes

रामपुर में बनाई गई टंकी में लीकेज। फोटो-पत्रिका

बीना. हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन और पीएचई विभाग की नल-जल योजनाओं का काम तेजी से चल रहा है। पीएचई की कुल 36 योजनाओं में से 19 ही पंचायतों को हैंडओवर हो पाई हैं। नलजल योजनाएं शुरू न होने से ग्रामीण पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। वहीं, अधूरी योजनाएं पंचायत हैंडओवर नहीं ले रही हैं।
जानकारी के अनुसार पीएचई विभाग की 36 योजनाओं में 19 तो पंचायतों ने हैंडओवर लेकर पानी की सप्लाई गांवों में शुरू कर दी है, लेकिन 17 योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें कुछ न कुछ कमी के चलते यह हैंडओवर नहीं हो रही हैं। कहीं टंकी लीक है, तो कहीं बिजली कनेक्शन या फिर अन्य कमियां रह गई हैं। किर्रोद की नलजल योजना में बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है, तो गोदना में भी कमियां हैं। रामपुर में बनाई गई टंकी को जब भरा गया था, तो उसमें लीकेज होने पर ग्रामीणों ने शिकायत की थी, इसके बाद उसमें मरम्मत कार्य कराया गया है और पानी सप्लाई भी गांव में हो रहा है। यह योजना ट्रायल पर चलाई जा रही है, इस दौरान जो भी कमियां रहेंगी उन्हें दूर करने की बात अधिकारी कह रहे हैं। साथ ही रामपुर सहित तीन योजनाएं ऐसी हैं, जो जल्द ही हैंडओवर हो सकती हैं।

ट्रायल के दौरान लिए जा रहे सौ-सौ रुपए
ग्राम रामपुर की नल-जल योजना अभी पीएचई विभाग द्वारा ट्रायल पर संचालित की जा रही हैं, जो मई माह से शुरू हुई थी। इसके बाद भी ग्रामीणों ने सौ-सौ रुपए लिए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब योजना हैंडओवर नहीं हुई है, तो रुपए किस बात के लिए जा रहे हैं।

नवंबर तक सभी योजनाएं हो जाएंगी चालू
36 में से 19 योजनाएं हैंडओवर हो चुकी हैं और 3 का ट्रायल चल रहा है। शेष 14 योजनाओं में कुछ काम शेष रहा गया है, जो नवंबर तक पूरा हो जाएगा। रामपुर की टंकी में सीपेज हुआ था, जिसकी शिकायत मिलने पर वॉटर प्रूफिंग करा दी गई है। साथ ही जिन योजनाएं के लिए पर्याप्त पानी नहीं है, वहां जल निगम से पानी लिया जाएगा। रामपुर में सौ रुपए कौन ले रहा है इसकी जानकारी नहीं है।
महेन्द्र शिल्पकार, प्रभारी एसडीओ, पीएचई