
औद्योगिक क्षेत्र की कच्ची सड़क। फोटो-पत्रिका
बीना. जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के अधिकारी लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों को शुरू कराने के लिए उद्योगपतियों को प्रेरित करते हैं, लेकिन जो पुराने औद्योगिक क्षेत्र हैं उनपर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगर के खुरई रोड पर वर्षों पूर्व औद्योगिक क्षेत्र विकसित तो कर दिया गया है, लेकिन यहां उद्योगपति मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं और अधिकारी संधारण शुल्क जमा करने के लिए उन्हें पत्र भेज रहे हैं।
औद्योगिक क्षेत्र विकसित करते समय मूलभूत सुविधाओं में सड़क, नाली, बिजली देना अनिवार्य होता है, जिससे उद्योगपतियों को परेशानी न हो, लेकिन खुरई रोड पर बने औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, नाली तक नहीं बन पाई है। लगातार मांग करने के बाद भी यहां पक्की सडक़ें नहीं बनी हैं। कच्ची सडक़ पर जगह-जगह गड्ढे हैं और दिनभर धूल उड़ती है। बारिश में इन्हीं गड्ढों में वाहनों के पहिया फंस जाते हैं। यहां पूर्व में बनाई गई नालियां भी टूट चुकी हैं, जिससे पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। उद्योगपतियों का कहना है कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता है। उद्योग लगने के बाद सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। जबकि सडक़, नाली की सुविधा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के साथ ही होनी थीं, जो वर्षों बाद भी नहीं दी जा रही हैं। इसके बाद भी सुविधाओं के बदले लगने वाले संधारण शुल्क को लेकर बार-बार पत्र आ रहे हैं।
स्वयं करानी पड़ती है मरम्मत
बारिश में जब गड्ढे ज्यादा गहरे हो जाते हैं और भारी वाहन नहीं निकल पाते हैं, तो उद्योगपति स्वयं ही गड्ढों की मरम्मत कराते हैं। हर वर्ष कई डंपर मुरम डलवानी पड़ती है, तब वह उद्योग चला पा रहे हैं। यदि मरम्मत न कराई जाए तो एक भी वाहन वहां नहीं निकल पाएगा और बारिश में उद्योग बंद हो जाएंगे।
दिल्ली डेड ऑफिस गया है प्रस्ताव
औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, नाली सहित अन्य सुविधाओं के लिए सूक्ष्म और लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई सीडीपी) के तहत 7 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर दिल्ली हेड ऑफि भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मंदाकिनी पांडेय, महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग, सागर
Published on:
06 Jun 2026 11:45 am
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