
सेल्फी पाइंट की हालत स्वच्छ सर्वेक्षण की हकीकत बयां करती हुई। फोटो-पत्रिका
बीना. शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर जल्द ही टीम आ सकती है और इसके लिए सीएमओ ने कर्मचारियों को निर्देशित भी कर दिया है, लेकिन बदहाल व्यवस्थाओं के कारण रैंकिंग गिर सकती है।
शहर के मुख्य मार्गों पर समय से कचरा नहीं उठा रहा और दोपहर तक कचरे के ढेर लगे रहते हैं, जबकि यह कार्य डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली कंपनी का है। कई जगह नालियों में गंदगी भरी पड़ी है। पूर्व में बनाए गए सेल्फी पाइंटों की देखरेख न होने से जंग लग गई है और धूल जमी हुई है, तो कुछ सेल्फी पाइंट गायब हो गए हैं। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण में सौंदर्यीकरण के भी नंबर जुड़ते हैं। मुख्य सडक़ों पर डिवाइडरों के पास धूल जमी हुई, क्योंकि नियमित झाडू नहीं लगाई जाती है। मुख्य सडक़ों पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं, लेकिन इसके लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
टीम को दिखाने करते हैं सफाई
पिछले वर्षों में जब स्वच्छ सर्वेक्षण टीम शहर में आई थी, तो टीम को जहां जाना था, वहां पहले ही नगर पालिका की टीम पहुंचकर सफाई करती थी। घरों के सामने डस्टबिन रखे जाते थे। इस वर्ष भी व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं, तो नगर पालिका कर्मचारी रैंकिंग सुधारने यही कार्य करेंगे।
पॉलीथिन पर नहीं लग पा रही रोक
कचरे में सबसे ज्यादा पॉलीथिन निकल रही है, लेकिन इसपर रोक लगाने के लिए नगर पालिका ने कोई कदम नहीं उठाए हैं, जबकि पिछले वर्षों में हुई कार्रवाई से लोग जागरूक हुए थे और कागज या कपड़े की थैली का उपयोग करने लगे थे। अब स्थिति यह है कि शहर के आसपास डिस्पोजल, पॉलीथिन के ढेर नजर आते हैं। पिछले एक साल में एक भी ऐसी कार्रवाई नहीं हुई हैं, जिसमें थोक विक्रेताओं के यहां से डिस्पोजल, पॉलीथिन जब्त की गई हो।
कर रहे हैं तैयारी
स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं, पेंटिंग कार्य शुरू हो गया है और जल्द ही बड़े नालों की सफाई मशीन से कराई जाएगी। डिवाइडरों की पुताई, कबाड़ से जुगाड़ कर सामग्री तैयार की जाएगी। रैंकिंग अच्छी आए इसके लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।
राहुल कुमार कौरव, सीएमओ, बीना
Updated on:
24 Apr 2026 12:14 pm
Published on:
24 Apr 2026 12:14 pm
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