खटाई में
सागर. जिले में शराब ठेकों के निष्पादन की प्रक्रिया में अयोग्य घोषित फर्मों के आवेदन स्वीकार करने का मामला सामने आया है। पिछले वर्ष बुरहानपुर जिले के शनवारा ग्रुप को शराब दुकानों के प्रथम पक्ष की प्रत्याभूत राशि जमा नहीं की गई थी। जिस पर आबकारी विभाग द्वारा फर्म गुलमोहर ट्रेडर्स व पार्टनर मोहर सिंह का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इस प्रकरण में राज्य शासन ने 1 फरवरी 2018 को राजपत्र में शराब ठेकों का वार्षिक मूल्य जमा न कराने वाली फर्म, पार्टनर, कंपनी संचालक या शेयर होल्डर के रूप में आंशिक स्वामित्व की शराब दुकान, समूह के उसी जिले या पूरे प्रदेश में पुन:निष्पादन या नवीनीकरण के लिए आवेदन करने के लिए भी अयोग्य होगा। मप्र शासन के वाणिज्य कर विभाग ने इस संबंध में हाइकोर्ट महाधिवक्ता और जिला कलेक्टरों के साथ ही आबकारी अफसरों को भी इससे अवगत कराया था। लेकिन सागर में डिफाल्टर फर्म की सहयोगी फर्मों के आवेदन स्वीकार कर लिए गए। अब अफसर विभाग के निर्देशानुसार इन आवेदनों को निरस्त करने की सफाई दी रहे हैं। आबकारी आयुक्त अरुण कोचर एवं हाई कोर्ट जबलपुर से जारी निर्देश में प्रत्याभूत राशि जमा ना कराने से प्रदेश में शराब ठेकों के लिए आवेदन करने से अयोग्य घोषित गुलमोहर ट्रेडर्स की सहयोगी 3 फार्म पिछले वर्षों से जिले में शराब ठेके संचालित कर रही हैं। इनमें मिलेनियम ट्रेडर्स के पास राहतगढ़ समूह सिविल लाइन समूह बिल्वाई बुजुर्ग समूह है। जबकि महिमा ट्रेडर्स गोपालगंज जवाहर गंज काकागंज समूह और मंडीबामोरा में शराब ठेकों के एकल समूह चला रहा है। एक अन्य सहयोगी फार्म सत्संगी ट्रेडर्स के पास खुरई नाका समूह की शराब दुकानें हैं। अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद उक्त तीन फलों के द्वारा 7 समूहों के लिए नवीनीकरण आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं।
देरी से आया आदेश इसलिए किए स्वीकार
सहायक आबकारी उपायुक्त यशवंत धनौरा से अयोग्य फर्म के आवेदन एकल समूह के लिए स्वीकार करने पर उन्होंने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया पहले ही तय हो गई थी। जबकि पत्र देरी से उन्हें मिला है। इसी के चलते आवेदन जमा करा लिए गए हैं । लेकिन इन पर वाणिज्य कर विभाग के पत्र क्रमांक 486/634/2015/2/5 में हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा याचिका क्रमांक 6800/2017 के संदर्भ में पारित आदेश के अनुरूप ही निर्णय लिया जाएगा।
प्रभावित नहीं होगी नवीनीकरण निष्पादन प्रक्रिया
वित्त वर्ष 2018 19 के लिए नवीन आबकारी नीति के तहत आबकारी ठेका समूह के नवीनीकरण की प्रक्रिया के लिए लॉटरी निकाली जाना है। इसके लिए 15 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे। नवीनीकरण और लॉटरी प्रक्रिया के लिए आए आवेदनों को मिलाकर नवीन वित्त वर्ष के लिए 72 फ़ीसदी शराब ठेका समूह नवीनीकरण की प्रक्रिया तक पहुंच गए हैं। आबकारी उपायुक्त यशवंत धनोरा ने बताया गुलमोहर ट्रेडर्स की सहयोगी फर्मों के आवेदन निरस्त किए जाने के बाद भी नवीनीकरण की लॉटरी प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। क्योंकि इसके लिए आवेदनों यह संख्या 70 फ़ीसदी से ऊपर होनी चाहिए।