प्रस्ताव भेजने के बाद भी नहीं आया बजट, नहीं हो पा रहा मरम्मत कार्य
बीना. ब्लॉक में बारिश के मौसम में दस स्कूल जर्जर हालत में पहुंच गए हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं की जा रही है और कई जगहों पर जर्जर स्कूल में ही कक्षाएं लगाना शुरू कर दी हैं, जिससे हादसों का डर बना है। साथ ही कुछ जगहों पर आंगनबाड़ी भवन या अन्य शासकीय भवनों में कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। इसके बाद भी मरम्मत के लिए बजट नहीं आ रहा है।
जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक स्कूल हांसुआ, रामनगर, रुसल्ला कोंरजा, रुसल्ला, दौलतपुर, हड़कल जैन, बेरखेड़ी भवन, भोजपुर, कंजिया रैयतवारी, पटकुई का भवन जर्जर है। हड़कल जैन स्कूल की कक्षाएं आंगनबाड़ी भवन, रामनगर में सहकारी समिति भवन, रुसल्ला कोंरजा आंगनबाड़ी भवन में कक्षाएं लग रही हैं। रुसल्ला सोसायटी और बेरखेड़ी माफी में निजी मकान में कक्षाएं लग रही थीं, लेकिन अब जर्जर भवन में जो थोड़ी अच्छी जगह है वहां कक्षाएं लगा रहे हैं, क्योंकि निजी भवन में किराया देना पड़ रहा था। इसके बाद भी वरिष्ठ अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। हादसा होने के बाद ही अधिकारियों की नींद खुलती है।
नए भवन बनाने की है जरूरत
यह भवन जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं, जिससे नए भवन बनाने की जरूरत है, लेकिन अधिकारी सिर्फ मरम्मत के लिए ही बजट आने की बात कह रहे हैं और मरम्मत का बजट भी कई बार प्रस्ताव भेजने के बाद नहीं आता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
भेज चुके हैं प्रस्ताव
भवनों की मरम्मत के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी। नए भवन के लिए बजट नहीं आता है।
प्रमोद दास, सहायक यंत्री, सागर