मकरोनिया में कुत्ते ने ले ली इकलौते लडक़े की जान, सब मौन सागर. मकरोनिया नगर में आवारा कुत्तों का आतंक जारी है। नगर में रोज 5-6 लोग जिसमें बच्चे भी शामिल हैं कुत्तों के हमला का शिकार हो रहे हैं। विगत दिन पागल कुत्ते के काटने से गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय अमन सेन […]
मकरोनिया में कुत्ते ने ले ली इकलौते लडक़े की जान, सब मौन
सागर. मकरोनिया नगर में आवारा कुत्तों का आतंक जारी है। नगर में रोज 5-6 लोग जिसमें बच्चे भी शामिल हैं कुत्तों के हमला का शिकार हो रहे हैं। विगत दिन पागल कुत्ते के काटने से गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय अमन सेन की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इकलौते लड़के की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। वहीं नगर पालिका व जिला प्रशासन मौन बना हुआ है। नगर से न तो कुत्तों को पकड़ा जा रहा और ना ही नसबंदी कराई जा रही। नगर के लोग अपने स्तर से शिकायतें कर रहे हैं लेकिन प्रशासन तमाशा देख रहा है। परिजनों की माने तो उस दिन पागल कुत्ता ने पुरानी मकरोनिया में 20 लोगों पर हमला किया था, जिसमें कई बच्चे भी शामिल थे।
मवेशियों और राहगीरों पर कर रहे हमला
नगर में कुत्तों का इतना आतंक है कि सडक़ों-गलियों से बच्चों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। कई परिवार नपा में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन नपा ध्यान नहीं देता। हालात ये है कि गंभीरिया, बड़तूमा, बजरिया, दीनदयाल नगर, बटालियन रोड, बंडा रोड पर रोज कुत्तों का झुंड आवारा मवेशियों और राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों में 20-25 रेबीज के इंजेक्शन रोज लगाए जाते हैं।
शोपीस बना वाहन
आवारा मवेशी और कुत्तों को पकडऩे के लिए नपा में वाहन रखा है, लेकिन कुत्तों को पकडऩे इसका इस्तेमाल नहीं होगा। मकरोनिया में नर्सिंग होम भी बड़ी संख्या में हैं जहां कुत्ता मेडिकल वेस्ट भी खाते देखे जाते हैं। अस्पतालों के कचरा खाकर वह हिंसक हो गए हैं।
शिकायतें आती हैं तो समय-समय पर वाहन भेजकर क्षेत्र के कुत्तों को पकडकऱ नगर से बाहर भेजा जाता है। मैं फिर कुत्तों को लेकर नपा के कर्मचारियों को निर्देशित करूंगा।
मिहिलाल अहिरवार, अध्यक्ष नपा मकरोनिया।