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इन गड्ढों का श्रेय कौन लेगा? साढ़े छह करोड़ से बना बीना-कंजिया रोड तीन साल में हो गया जर्जर, हर दिन घायल हो रहे वाहन चालक

रिफाइनरी और जेपी के भारी वाहनों का रहता है दबाव, बीना रिफाइनरी और जेपी पावर प्लांट के निकलते हैं वाहन, वाहनों के पलटने का रहता है डर, आंदोलन की तैयारी में ग्रामीण
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Sep 03, 2026
Who will take credit for these potholes? The Bina-Kanjia road, built at a cost of ₹6.5 crore, has deteriorated within three years, and motorists are getting injured every day.
आगासौद रोड पर बना जानलेवा गड्ढा। फोटो-पत्रिका

बीना. करोड़ों रुपए की लागत से पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई आगासौद-कंजिया रोड की हालत महज तीन साल में ही खराब हो गई है, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। आगासौद-कंजिया मार्ग पर इन दिनों जगह-जगह बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी और हादसों का कारण बने हुए हैं। हर दिन बाइक चालक इन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं और बड़े वाहनों में भी टूट-फूट हो रही है।
स्टेट हाइवे में शामिल बीना से मुंगावली को जोड़ने वाले आगासौद रोड का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा 6 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से लगभग तीन वर्ष पहले हुआ था। निर्माण के कुछ माह बाद से ही सडक़ के कई हिस्सों में गड्ढे बनने लगे थे और मरम्मत भी की गई थी, लेकिन अब स्थिति यह है कि कई स्थानों पर सडक़ गायब हो गई है और सिर्फ गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों का श्रेय लेकर कोई सही कराने सामने नहीं आ रहा है।

हर दिन घायलों का कर रहे इलाज


किर्रोद गांव के पास एक गड्ढा इतना बड़ा हो गया है, लेकिन हर दिन बाइक चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। गड्ढे के पास में ही रहने वाली आरती दुबे ने बताया कि वह पंद्रह दिनों में करीब पंद्रह घायलों का इलाज कर चुकी हैं। रात के समय कई लोगों को गंभीर चोटें आ चुकी हैं। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई है, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। कुसुम अहिरवार और शिवम राय ने बताया कि पूरी सडक़ खराब हो चुकी है और भारी वाहनों के पलटने का डर बना रहता है, लेकिन मरम्मत नहीं हो रही है। जल्द सडक़ की मरम्मत न होने से आसपास के ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

चौबीसों घंटे भारी वाहनों का दबाव


आगासौद-कंजिया-मुंगावली रोड क्षेत्र की महत्वपूर्ण रोड है। इस मार्ग पर रिफाइनरी और जेपी से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही चौबीसों घंटे रहती है। पेट्रोल, डीजल, फ्लाई ऐश डंपर और गैस के टैंकर सहित अन्य भारी वाहन लगातार निकल रहे हैं।

अच्छे काम का श्रेय लेने की होड़, सड़क की बदहाली पर चुप्पी


विकास कार्यों के उद्घाटन और अच्छे कार्यों का श्रेय लेने के लिए अक्सर जनप्रतिनिधियों में होड़ दिखाई देती है, लेकिन जब करोड़ों रुपए की लागत से बनी सड़क कुछ ही वर्षों में गड्ढों में तब्दील हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नजर नहीं आता।

एमपीआरडीसी के होना है अधीन


बीना-मुंगावली रोड पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन है, जो जल्द ही एमपीआरडीसी के अधीन हो जाएगा। क्योंकि इस रोड को स्टेट हाइवे दर्जा करीब चार वर्ष पूर्व मिल चुका है, लेकिन अभी पीडब्ल्यूडी विभाग के तहत यह गारंटी में है। एमपीआरडीसी के अधीन होते ही इसका नया निर्माण होगा और चौड़ाई बढ़ाई जाएगी।

मरम्मत को भेजा जा रहा है प्रस्ताव


रोड की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। कुछ जगह पर सडक़ पूरी तरह खराब हो गई है। साथ ही गड्ढे भी भरवाए जा रहे हैं।
शुभम मिश्रा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी

Updated on:
03 Sept 2026 12:01 pm
Published on:
03 Sept 2026 12:00 pm