पिछले वर्षों में स्टेट वेयरहाउस में बनाए गए थे केन्द्र, नहीं होती थी परेशानी, समिति मुख्यालयों पर खुले में रखा रहता है अनाज और परिवहन पर होते हैं रुपए खर्च
बीना. खुरई रोड स्थित कृषि उपज मंडी में रबी सीजन के समय जगह कम होने के कारण बाजू का खेत किराए पर लेना पड़ता है और फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े हो पाते हैं। कम जगह होने के बाद भी यहां चना, मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए तीन केन्द्र खोले जाने हैं, जिससे परेशानी और बढ़ जाएगी।
पिछले कुछ वर्षों से चना, मसूर, गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए समर्थन मूल्य केन्द्र बिहरना स्थित स्टेट वेयरहाउस में बनाए जा रहे हैं, लेकिन इस वर्ष चना, मसूर के केन्द्रों में बदलाव किया गया है। खरीदी के लिए आठ केन्द्र बनेंगें, जिसमें इटावा समिति, रामपुर समिति और कंजिया समिति को मंडी परिसर में खरीदी केन्द्र खोलने का आदेश हुआ है। इसके अलावा मंडीबामोरा समिति का केन्द्र उपमंडी मंडीबामोरा और भानगढ़, पिपरासर, धनौरा, सेमरखेड़ी समिति मुख्यालय पर खरीदी करेगी। कृषि उपज मंडी में तीन केन्द्र खोलने के लिए जगह नहीं है और न ही भंडारण के लिए गोदाम। एक छोटी गोदाम है, जो इफ्को को दी गई है। इसके बाद भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और केन्द्र खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं। जबकि रबी सीजन की आवक मंडी में शुरू होने वाली है, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करने भी खेत किराए पर लिया जाता है। यदि मंडी में केन्द्र खोले गए, तो किसानों को परेशानी होगी और प्रदर्शन होंगे।
वेयरहाउस में केन्द्र बनने से बचता है परिवहन खर्च
समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्र बिहरना वेयरहाउस में खोले जाने से भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था रहती है और परिसर बड़ा होने से खरीदी में भी परेशानी नहीं होती है, लेकिन इस बार केन्द्र वेयरहाउस में नहीं बनाए गए हैं। समिति मुख्यालयों पर उपज खुले आसमान के नीचे रखी रहती है और मौसम खराब होने से भीग जाती है। पूर्व में मुख्यालयों पर केन्द्र बनने पर बारिश होने से गेहूं सड़ गए थे।
किसान करने लगे स्लॉट बुक
मंडी में केन्द्र बनाने का आदेश आने के बाद स्लॉट बुकिंग भी शुरू हो गई थी और कुछ किसानों ने सोमवार को उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक कर लिए हैं। जबकि वहां अभी तक केन्द्र स्थापित नहीं हुआ है, जिससे विवाद की स्थिति बनेगी।
अधिकारियों से की है बात
कृषि उपज मंडी में तीन केन्द्र खोलने का आदेश आने के बाद अधिकारियों से चर्चा की है और जगह की कमी से होने वाली परेशानियों को बताया गया है।
रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम, बीना